चीन अपनी न्यूक्लियर पावर को बढ़ाने की कोशिश में लगा है. इस मुहिम के जरिए वह 2020 तक अपनी न्यूक्लियर पावर को दोगुना करने की योजना पर काम कर रहा है.
चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चीन एक ऐसा न्यूक्लियर पावर स्टेशन बना रहा है, जो तैरता रहेगा. इसे समुद्र में स्थापित करने की योजना है. आने वाले वर्षों में चीन 100 अतिरिक्त न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने की भी योजना बना रहा है.
ये है मुख्य उद्देश्य
चीन की एटॉमिक एनर्जी अथॉरिटी के चेयरमैन शू डाजे ने कहा कि इस मिशन के पीछे मुख्य उद्देश्य समुद्र के सारे रिसोर्सेज का इस्तेमाल करना है. उन्होंने बताया, 'इन पावर प्लांट से ऑयल और गैस ड्रिलिंग, आइलैंड के डेवलपमेंट और दूर-दराज के इलाकों में बिजली सप्लाई की जा सकेगी.'
चीन की राजधानी बीजिंग में दो मरीन न्यूक्लियर प्लांट बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है.
रूस ने बनाया था ऐसा पहला प्लांट
दुनिया का पहला पानी में तैरता न्यूक्लियर पावर प्लांट रूस ने तैयार किया है. इससे बिजली की कमी वाले इलाकों में बिजली पहुंचाई जा सकेगी. साथ ही जिन इलाकों में पानी की कमी है उसके लिए भी यह मददगार साबित होगा. सितंबर 2016 से ये बिजली उत्पादन शुरू करेगा.