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UAE ने गैर-मुस्लिमों के लिए उठाया एक और बड़ा कदम, हो रही तारीफ

कनाडा का कपल यूएई के नए कानून के तहत शादी करने वाला पहला गैर-मुस्लिम कपल बन गया है. कपल को अबु धाबी की गैर-मुस्लिम परिवारिक मामलों की अदालत ने विवाह अनुबंध जारी किया है. अब यूएई में रहने वाले गैर-मुसलमान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी शादी को रजिस्टर करा सकते हैं.

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यूएई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम (Photo-Reuters)
यूएई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम (Photo-Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अबु धाबी के कोर्ट में पहला गैर-मुस्लिम विवाह रजिस्टर
  • कनाडाई जोडे ने रचाई यूएई के नए कानून के तहत शादी
  • कोर्ट को दिया धन्यवाद

संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई ने पहली बार कनाडा के एक गैर-मुस्लिम जोड़े के लिए मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया है. कनाडा के इस जोड़े ने वहां की सरकार को इसके लिए शुक्रिया कहा है. 

खाड़ी का यह देश हाल के दिनों कई बदलाव कर चुका है. यूएई में रहने वाली एक करोड़ की आबादी में 90 फीसदी विदेशी हैं. ऐसे में यूएई ऐसे कई तरह के परिवर्तनों को अंजाम दे रहा, जिससे मुसलमानों के अलावा बाकी मजहबों और संस्कृति के लोगों के लिए भी चीजें आसान हों. 

नवंबर महीने में यूएई ने गैर-मुसलमानों के व्यक्तिगत मामलों के लिए अलग कानून बनाया था. नए कानून के तहत कनाडा के इस जोड़े की शादी हुई और पहला मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया गया है. कहा जा रहा है कि यूएई के इस कदम से उसे दुनिया भर से स्किल और विशेषज्ञता को आकर्षित करने में मदद मिलेगी. 

मध्य-पूर्व इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्म का जन्मस्थल है. तीनों मजहबों में यहां शादी के लिए अलग-अलग नियम हैं. हालांकि, ट्यूनिशिया और अल्जीरिया में सिविल मैरिज की अनुमति है. सिविल मैरिज का मतलब वैसी शादी से है, जिसमें धर्म शामिल नहीं होता है लेकिन उसे कानूनी मान्यता मिलती है. इस इलाके के कुछ और देशों में कुछ शर्तों के साथ सिविल मैरिज की अनुमति है. हाल के दिनों में यूएई ने ऐसे कई तरह के बदलाव किए हैं, जिनसे गैर-मु्सलमानों के लिए वहां रहना आसान हुआ है.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अब यूएई में गैर-मुस्लिम शादी कर सकेंगे रजिस्टर

नए कानून के तहत, गैर मुस्लिमों के लिए सिविल मैरिज की पंजीकरण सेवा (Civil Marriage Registration Service) अब अबू धाबी न्यायिक विभाग (ADJD) की आधिकारिक वेबसाइट पर निवासियों और आने वाले पर्यटकों, दोनों के लिए उपलब्ध रहेगी. विवाह का पंजीकरण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरा किया जा सकता है.

'ये कदम खाड़ी क्षेत्र में कायम करेगा मिसाल'

ADJD के अंडरसेक्रेटरी युसूफ सईद अल अब्री ने कहा कि अबू धाबी की अदालत के द्वारा पहली बार गैर-मुसलमानों के लिए मैरिज कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया शुरू करना अरब क्षेत्र के लिए एक मिसाल है. 

अल अब्री ने कहा कि गैर-मुस्लिमों की शादी को लेकर जो कानून बनाया गया है, वो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है. यह इस्लाम की सकारात्मक छवि पेश करता है और सहिष्णुता को भी दर्शाता है. 

यूएई के इस कदम की हो रही तारीफ

यूएई के इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना भी की जा रही है. बीबीसी वर्ल्ड में मध्य-पूर्व मामलों के संपादक सेबेस्टियन उशेर ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'अबू धाबी में गैर-मुस्लिम कोर्ट में पंजीकृत पहला विवाह- यह देश की अधिक उदार छवि पेश करने के प्रयास के तहत किया गया है.'

अपनी उदार छवि बनाने की कोशिश कर रहा यूएई

यूएई इससे पहले अविवाहित जोड़ों को भी साथ में रहने की अनुमति दे चुका है. इसके साथ ही शराब और लंबे समय के लिए वीजा नियमों की सख्ती को भी उदार बनाया है. इस महीने की शुरुआत में ही यूएई ने पश्चिम की तरह शनिवार और रविवार को वीकेंड की घोषणा की थी. अगले साल एक जनवरी से खाड़ी में यूएई पहला देश होगा, जहां वीकेंड शुक्रवार से नहीं होगा. शुक्रवार को मुसलमान जुमे की नमाज अदा करते हैं. सऊदी अरब भी इस्लामिक नियमों को लचर बना रहा है. सऊदी अरब ने महिलाओं को ड्राइव करने की अनुमति दी थी और इस्लामिक ड्रेस कोड को लेकर भी कई संशोधन की घोषणा की थी.

विश्लेषकों का मानना है कि यूएई इन सुधारों से अपनी एक उदार छवि पेश करना चाहता है. इससे देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और यूएई खाड़ी के अपने प्रतिद्वंदियों को टक्कर दे पाएगा. 

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