कनाडा के किसी पोस्ट-सेकेंडरी संस्थान से मास्टर डिग्री हासिल करना कई लोगों के लिए परमानेंट रेज़िडेंस (PR) पाने का रास्ता आसान बना सकता है. कनाडाई मास्टर डिग्री न सिर्फ आपको लंबी अवधि का ओपन वर्क परमिट दिलाती है, बल्कि Express Entry सिस्टम में आपका CRS स्कोर भी काफ़ी बढ़ा देती है.
मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद उम्मीदवार तीन साल का पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) पा सकता है. इस दौरान हासिल किया गया कनाडाई वर्क एक्सपीरियंस PR के कई रास्तों के लिए अहम होता है.
CRS सिस्टम में मास्टर डिग्री का फायदा
कनाडा के Comprehensive Ranking System (CRS) के तहत मास्टर डिग्री हासिल करने वाले शख्स को Core/Human Capital के तहत 135 अंक मिलते हैं और कनाडाई मास्टर डिग्री सीआरएस के "अतिरिक्त अंक" के तहत 30 अंक और प्रदान करती है.
यानी कुल मिलाकर मास्टर डिग्री आपकी प्रोफाइल को Express Entry में काफी मज़बूत बना देती है. सबसे ज़्यादा CRS स्कोर वाले उम्मीदवारों को ही PR के लिए Invitation to Apply (ITA) मिलता है. कई बार मास्टर डिग्री ही PR मिलने और न मिलने के बीच की वजह बन जाती है.
अन्ना का उदाहरण
अन्ना भारत की 24 वर्षीय प्रोजेक्ट मैनेजर है. उसके पास बैचलर डिग्री और दो साल का भारत का वर्क एक्सपीरियंस है, उसकी इंग्लिश बहुत अच्छी है. (CLB 10)
कनाडा में स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वाली अन्ना का शुरुआती CRS स्कोर सिर्फ 416 था, जो Express Entry ड्रॉ के लिए काफी कम माना जाता है. 2025 में CEC ड्रॉ का कट-ऑफ 515 से 547 के बीच रहा.
इसके बाद अन्ना ने कनाडा की मास्टर डिग्री के लिए आवेदन किया. उसे यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में एक साल के मास्टर प्रोग्राम में दाखिला मिला. पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे तीन साल का PGWP मिला और उसने एक कनाडाई कंपनी में एक साल तक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में काम किया.
कैसे बदली अन्ना की किस्मत?
सिर्फ कनाडाई मास्टर डिग्री और एक साल के कनाडाई वर्क एक्सपीरियंस की वजह से दो साल के अंदर अन्ना का CRS स्कोर बढ़कर 539 हो गया. अब वह Canadian Experience Class (CEC) के तहत PR के लिए भी पात्र हो गई.539 CRS स्कोर के साथ अन्ना 2025 में हुए 15 में से 13 CEC ड्रॉ में ITA पाने की हकदार होती.
मास्टर से पहले और बाद में CRS स्कोर का फर्क
| CRS का हिस्सा | मास्टर्स से पहले | मास्टर्स के एक साल बाद |
| उम्र | 110 (24 साल) | 110 (26 साल) |
| शिक्षा | 120 | 135 |
| भाषा | 136 | 136 |
| कनाडाई वर्क एक्सपीरियंस | 0 | 40 |
| स्किल ट्रांसफरेबिलिटी (शिक्षा) | 25 | 50 |
| स्किल ट्रांसफरेबिलिटी (विदेशी अनुभव) | 25 | 38 |
| अतिरिक्त अंक | 0 | 30 |
| कुल CRS | 416 | 539 |
क्या हर किसी को इतना फायदा मिलेगा?
ज़रूरी नहीं कि हर उम्मीदवार को अन्ना जितना बड़ा उछाल मिले. जिनके पास पहले से कनाडाई वर्क एक्सपीरियंस या PGWP है, उनके लिए मास्टर डिग्री से CRS में बढ़ोतरी थोड़ी कम हो सकती है. फिर भी विदेशी बैचलर से कनाडाई मास्टर पर जाने से कम से कम 45 CRS अंक और कनाडाई बैचलर से कनाडाई मास्टर पर जाने से 30 CRS अंक मिलना लगभग तय है.
कम खर्च में मास्टर डिग्री का मौका
कुछ मामलों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को मास्टर प्रोग्राम के लिए ऐसी फंडिंग या स्कॉलरशिप भी मिल सकती है, जो ट्यूशन फीस से ज़्यादा होती है. खासतौर पर अकैडमिक मास्टर प्रोग्राम्स में यह विकल्प उपलब्ध हो सकता है.