अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच कनाडा अपने ट्रेड पार्टनर्स में विविधता लाने की तैयारी में जुट गया है. इसी कड़ी में कनाडा ने भारत का रुख किया है. भारत-कनाडा रिश्तों में पिछले सालों में भारी तनाव देखा गया था लेकिन कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत के साथ कनाडा के रिश्तों की अहमियत समझते हैं. कार्नी मार्च के पहले हफ्ते में भारत आ सकते हैं. इससे पहले कनाडा के एनर्जी और नेचुरल रिसोर्स मंत्री टिम हॉजसन भारत आए हैं.
भारत आकर उन्होंने कहा है कि अगर कनाडा को एनर्जी सुपरपावर बनना है, तो उसे भारत के साथ एनर्जी ट्रेड करना होगा.
इंडिया एनर्जी वीक के तहत गोवा पहुंचे हॉजसन ने मंगलवार को कहा कि भारत दुनिया के सबसे अहम एनर्जी मार्केट्स में से एक के रूप में उभर रहा है. उन्होंने कहा कि वैश्विक मांग में तेजी के बीच कनाडा को भारत के साथ अपने एनर्जी ट्रेड को और बढ़ाने की जरूरत है.
एक्स पर एक पोस्ट में हॉजसन ने कहा कि भारत की उनकी मौजूदा यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है. इंडिया एनर्जी वीक में पहली बार किसी कनाडाई संघीय मंत्री ने हिस्सा लिया है और आठ साल बाद पहली बार कनाडा-भारत के बीच एनर्जी डायलॉग हो रही है.
'अगर कनाडा को एनर्जी सुपरपावर बनना है तो...'
एनर्जी वीक के दौरान हॉजसन ने कहा, 'अगर कनाडा को एनर्जी सुपरपावर बनना है, तो हमें दुनिया के सबसे बड़े एनर्जी मार्केट्स में से एक, यानी भारत के साथ अपनी एनर्जी और नैचुरल रिसोर्सेज का ट्रेड बढ़ाना होगा.'
भारत की बढ़ती ऊर्जा की जरूरतों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले एक दशक में भारत में पारंपरिक और स्वच्छ, दोनों तरह की एनर्जी की मांग बहुत ज्यादा बढ़ने वाली है. उनके मुताबिक यह कनाडा के लिए एक बड़ा अवसर है, जो अमेरिका के बाहर अपने निर्यात को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
हॉजसन ने कहा, 'एनर्जी की मांग में यह उछाल और कनाडा की एनर्जी सुपरपावर बनने की महत्वाकांक्षा यह साफ कर देती है कि हमें अभी भारतीय बाजार से जुड़ना होगा.' उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा अमेरिका के बाहर के अपने निर्यात को दोगुना करना चाहता है और इसलिए उनका भारत दौरा अहम है.
उन्होंने बताया कि कनाडा भारत को लिक्विफाइड नैचुलर गैस, क्लीन एनर्जी, यूरेनियम और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई के लिए खुद को तैयार कर रहा है. इसमें लिक्विफाइड गैस के लिए फ्लोटिंग स्टोरेज फैसिलिटीज जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भी शामिल है.
इंडिया एनर्जी वीक में बोलते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत में एनर्जी की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है.
उन्होंने कहा, 'दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एनर्जी कंज्यूमर और सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के नाते भारत इस वैश्विक बदलाव के केंद्र में है. हमारी एनर्जी की डिमांड लगातार बढ़ेगी और हमारे सोर्सेज में भी वृद्धि होगी. 2050 तक ग्लोबल एनर्जी डिमांड में भारत की हिस्सेदारी करीब 30-35 प्रतिशत बढ़कर लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है.'
उन्होंने आगे कहा, 'इसके बावजूद प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत अभी वैश्विक औसत का सिर्फ लगभग 40 प्रतिशत है, इसलिए भारत की विकास यात्रा न केवल जरूरी बल्कि जिम्मेदार भी है. भारत सरकार क्षमता निर्माण, बाजार स्थितियों में सुधार जैसे उपायों से इस विकास यात्रा को सक्षम बना रही है.'