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बांग्लादेश में हिंसा में 7 की मौत, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई

बांग्लादेश में हिंसक संघर्षों में 7 लोगों के मारे जाने और कईयों के घायल होने के बाद हजारों की तादाद में विरोध प्रदर्शन कर रहे इस्लामी प्रदर्शनकारियों पर रविवार रात पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों ने कार्रवाई की और उन्हें तितर-बितर कर दिया.

बांग्लादेश में हिंसक संघर्षों में 7 लोगों के मारे जाने और कइयों के घायल होने के बाद हजारों की तादाद में विरोध प्रदर्शन कर रहे इस्लामी प्रदर्शनकारियों पर रविवार रात पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों ने कार्रवाई की और उन्हें तितर-बितर कर दिया.

रविवार रात लगभग 10,000 दंगारोधी पुलिस, एंटी-क्राइम रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और अर्धसैनिक बल ‘बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश’ (बीजीबी) ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया.

नवगठित हिफाजत-ए-इस्लामी अपनी 13 सूत्री मांगों के लिए आवामी लीग सरकार पर दबाव बनाने के लिए ‘ढाका की घेरेबंदी’ की थी. उनकी मांगों में इस्लाम और पैगंबर का अपमान करने वालों को सजा देने के लिए ईशनिंदा कानून लागू करने की मांग शामिल है.’ सत्तारूढ़ आवामी लीग के मुख्यालय के पास बंगबंधु एवेन्यू में उस समय कम से कम 15 देशी बमों से विस्फोट किए गए जब हिफाजत-ए-इस्लामी के कई जुलूस मोतीझील में चल रहे समूह की रैली में शामिल होने जा रहे थे.

बंगबंधु एवेन्यू में शुरू हुआ संघर्ष देखते ही देखते आसपास के इलाकों में फैल गया. स्थानीय सरकार के मंत्री और आवामी लीग के महासचिव सैयद अशरफुल इस्लाम ने कल इस्लामियों से कहा, ‘अपनी रैली के बाद तत्काल ढाका छोड़ें नहीं तो आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’ सरकार की यह चेतावनी प्रधानमंत्री शेख हसीना और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ, संघर्ष को लेकर हुई बैठक के बाद आयी.

वहीं चुनाव व्यवस्था को लेकर सरकार विरोधी अभियान का नेतृत्व कर रही मुख्य विपक्षी पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने एक बयान जारी कर पार्टी नेताओं से ‘इस्लाम की रक्षा करने’ के अभियान में हिफाजत ए इस्लामी का साथ देने के लिए कहा है.

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