बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के बीरगंज उपजिला में चुनावी नतीजे आने के तुरंत बाद आगजनी की एक गंभीर घटना सामने आई है. गुरुवार (12 फरवरी) की शाम को निजपाड़ा यूनियन के देबीपुर बनियापाड़ा गांव में शरारती तत्वों ने बिमल चंद्र रॉय के घर में आग लगा दी. इस अग्निकांड में परिवार को कई लाख टका का नुकसान हुआ है. चुनाव के बाद हुई इस हिंसा ने इलाके में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
घटना के बाद नवनिर्वाचित सांसद और बीएनपी (BNP) के स्थानीय नेताओं ने मौके का दौरा किया है. फिलहाल पूरे इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है.
पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि क्या यह हमला चुनाव के बाद की रंजिश के कारण किया गया था.
चुनावी नतीजों के बाद भड़की आगजनी
बीरगंज उपजिला में जैसे ही चुनाव परिणाम घोषित हुए, देबीपुर बनियापाड़ा गांव में स्थिति बिगड़ गई. उपद्रवियों ने बिमल चंद्र रॉय के घर को निशाना बनाया. जानकारी के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि घर का सारा सामान और कीमती सामान राख हो गया. पीड़ित परिवार के मुताबिक, यह हमला पूरी तरह से चुनावी माहौल से प्रभावित था और अल्पसंख्यकों में डर पैदा करने की कोशिश थी.
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सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे की जानकारी मिलते ही बीरगंज उपजिला के नवनिर्वाचित सांसद और बीएनपी अध्यक्ष मंजूरुल इस्लाम, नगर बीएनपी अध्यक्ष अमीरुल बहार और निजपाड़ा यूनियन के अध्यक्ष अनीसुर रहमान अनीस घटनास्थल पर पहुंचे. नेताओं ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और घटना की निंदा की. हालांकि, इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू परिवारों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता और गुस्सा देखा जा रहा है.
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लाखों के नुकसान से सदमे में परिवार
बिमल चंद्र रॉय के घर में लगी आग ने उनकी जिंदगी भर की कमाई को तबाह कर दिया है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, नुकसान कई लाख टका में है. घटना के बाद से ही इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है, लेकिन जिस तरह से चुनाव के ठीक बाद हिंदू घरों को जलाया गया. स्थानीय लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.