बांग्लादेश में जारी भारी उथल-पुथल और हिंसक घटनाओं के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है. यहां के कुरीग्राम जिले में एक हिंदू महिला जिला आयुक्त (डीसी) को सांप्रदायिक गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. डीसी अन्नपूर्णा देबनाथ ने एक उम्मीदवार का नामाकंन रद्द होने का ऐलान किया था. इस घोषणा के बाद से ही उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.
रद्द किया था उम्मीदवार का नामांकन
असल में बांग्लादेश में होने वाले चुनावों के मद्देनजर नामांकन हो रहे हैं. यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब जमात-ए-इस्लामी पार्टी के एक उम्मीदवार बैरिस्टर सालेही का चुनाव नामांकन रद्द कर दिया गया. नामांकन रद्द होने की वजह थी कि उन पर ब्रिटेन और बांग्लादेश दोनों देशों की नागरिकता रखने का आरोप लगा था.
नामांकन रद्द करने की घोषणा खुद डीसी अन्नपूर्णा देबनाथ ने कानून की संबंधित धारा पढ़कर की. इसके बाद जमात-ए-इस्लामी के समर्थक भड़क गए. वे डीसी कार्यालय पहुंचे और वहां हंगामा करने लगे.
मिल रही हैं धमकियां
समर्थकों ने अन्नपूर्णा देबनाथ को 'इस्कॉन की सदस्य' और 'भारत व आवामी लीग का दलाल' बताते हुए सांप्रदायिक गालियां दीं. उन्होंने नारे लगाए कि 'यह डीसी यहां नहीं रह सकती' नारों के साथ-साथ समर्थक उग्र होते हुए ये भी मांग करने लगे कि डीसी अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे दें नहीं तो जबरदस्ती हटा दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें धमकाया भी जा रहा है.
नामांकन केंद्र के अंदर का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जमात के लोग हंगामा करते दिख रहे हैं. आजतक ने उनसे संपर्क कर इस मामले में बात करने की कोशिश की, लेकिन वह इतना डरी हुई हैं कि रिकॉर्ड पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं.
बता दें कि बांग्लादेश में जारी उथल-पुथल के बीच लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ दुखदायी घटनाएं सामने आ रही हैं. हिंदू समुदायों को कट्टरपंथियों की हिंसा का सामना करना पड़ रहा है.