पिछले दिनों सिडनी के बोंडी बीच पर बंदूकधारियों 15 लोगों की गोली मारकर हत्या करने के एक महीने बाद, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने मंगलवार को मामले पर प्रतिक्रिया दी है. पीएम ने कहा कि उनकी सरकार बंदूकों पर सख्ती कर रही है और यहूदी-विरोधी भावना से लड़ रही है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की संसद ने एक बड़े बंदूक नियंत्रण बिल के पक्ष में वोट किया. पास हुए नए कानून में एक राष्ट्रीय बंदूक बायबैक योजना और आग्नेयास्त्र लाइसेंस आवेदनों पर नई जांच शामिल है.
नए बिल के बारे में बात करते हुए, अल्बनीज़ ने कहा, "ये मौजूदा नफरत भरे अपराधों के लिए सजा को और सख्त करते हैं और यह साफ करते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी भावना की कोई जगह नहीं है. हम एक राष्ट्रीय बायबैक के साथ अपनी सड़कों से और खतरनाक हथियार हटाएंगे."
एक दूसरा बिल नफरत भरे अपराधों के लिए सजा को बढ़ाता है, जैसे कि जब कोई धार्मिक अधिकारी या उपदेशक शामिल होता है, तो 12 साल तक की जेल की सजा, और नफरत फैलाने वाले माने जाने वाले समूहों पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है.
सदन में पास हुआ बिल...
नया बिल नफरत फैलाने वालों के वीज़ा रद्द करने या मना करने की नई शक्तियां भी देता है. यह बिल निचले सदन में 7 के मुकाबले 116 वोटों से पास हो गया. इसे लिबरल पार्टी के सांसदों का समर्थन मिला, जबकि उनके गठबंधन सहयोगी नेशनल पार्टी ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
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ऑस्ट्रेलिया की संघीय संसद में बहस के दौरान एंटीसेमिटिज्म, नफरत और उग्रवाद से मुकाबला (हथियार और कस्टम कानून) बिल 2026 पर बोलते हुए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा, "बॉन्डी बीच पर आतंकवादियों के दिलों में नफरत थी और हाथों में बंदूकें थीं. आज हमने ऐसे नए कानून पास किए हैं, जो दोनों से निपटेंगे- एंटीसेमिटिज्म से मुकाबला करना और बंदूकों पर सख्ती करना."
उन्होंने आगे कहा, "हमारे कानून कट्टरपंथ और उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए नफरत फैलाने वाले ग्रुप और नफरत फैलाने वाले उपदेशकों को निशाना बनाते हैं."
बंदूकों तक पहुंच को सीमित करने की कोशिश में, अल्बनीज़ ने कहा कि सिडनी के उपनगर में रहने वाले किसी परिवार को छह बंदूकें रखने की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने कहा, "फिर भी बॉन्डी बीच के आतंकवादियों के पास ठीक यही था. हम नफरत के खिलाफ खड़े हैं और अपनी नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत कर रहे हैं. हम ऑस्ट्रेलिया के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए वह सब कुछ करेंगे, जो ज़रूरी होगा."