दुनिया के सबसे ताकतवर संस्था संयुक्त राष्ट्र संघ के नए महासचिव पद के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. सुरक्षा परिषद के निजी लंच पर पांच सबसे शक्तिशाली सदस्यों की हो रही बातचीत अगले महासचिव के प्रश्न पर आकर रुक गई.
एक यूरोपीय राजदूत ने अपने सहयोगियों को महासभा का संकल्प याद दिलाया कि 70 साल पुराने इस संगठन में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की चयन प्रक्रिया लगभग पूरी तरह से पुरुष समाज के लिए बनी हुई है. इसलिए उन्होने इस बार महिलओं को भी इसमें शामिल करने का इशारा किया है.
इसमें कोई शक नहीं है कि अबतक केवल तीन महिलाओं को ही पिछले दरवाजे से चुनाव में शामिल किया गया है, लेकिन इस बार अगले महासचिव पद के लिए पहली बार किसी महिला को मौका मिल सकता है. क्योंकि अबतक आठ पुरुषों को ही महासचिव बनने का मौका मिला है.
हालांकि, महासचिव बान की मून का कार्यकाल 31 दिसंबर 2016 को खत्म होगा मगर उनके उत्तराधिकारी की अभी से चर्चा शुरू हो चुकी है. गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र संघ का महासचिव पद किसी महिला को मिले ऐसी चर्चा पहले भी हो चुकी है. हांलाकि इस बार जिस तरह पांच सबसे शक्तिशाली देशों की बातचीत हो रही है इन संकेतों से तो यही लगता है कि इस बार महिला शक्ति संयुक्त राष्ट्र पर भी काबिज हो सकती है.