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पाकिस्तान ने टीवी मीडिया पर बैन किया हर तरह के भारतीय कंटेंट का प्रसार

पाकिस्तान ने अपने यहां टीवी मीडिया पर हर तरह के भारतीय कंटेंट के प्रसार पर रोक लगा दी है. पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक अधिकरण (PEMRA) ने नोटिस जारी कर इसका ऐलान किया. हर भारतीय टीवी चैनल, जिनमें न्यूज चैनल्स भी शामिल हैं के प्रसार पर रोक लगा दी गई है.

इमरान खान (फोटो- रॉयटर्स) इमरान खान (फोटो- रॉयटर्स)

  • पाकिस्तान में भारतीय कंटेंट के प्रसारण पर लगा बैन
  • PEMRA ने जारी किया निर्देश, अभिनेताओं के प्रोमो पर भी पाबंदी

पाकिस्तान ने अपने यहां टीवी मीडिया पर हर तरह के भारतीय कंटेंट के प्रसार पर रोक लगा दी है. पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक अधिकरण (PEMRA) ने नोटिस जारी कर इसका ऐलान किया. हर भारतीय टीवी चैनल, जिनमें न्यूज चैनल्स भी शामिल हैं के प्रसार पर रोक लगा दी गई है.

PEMRA ने लेटर जारी करते हुए अथॉरिटी से जुड़े मीडिया संस्थानों को कहा कि किसी भी प्रकार के भारतीय कंटेंट को दिखाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई है. PEMRA के मुताबिक पाकिस्तान में किसी भी क्लिप, प्रोमो, गानें, न्यूज रिपोर्ट, राजनीतिक बहस और विश्लेषण आदि के प्रसारण पर रोक लगा दी है. इसके अलावा भारतीय अभिनेताओं और उनकी फिल्मों को प्रोमो को दिखाने पर भी पाबंदी लगा ही है.

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इस साल में यह दूसरी बार है जब पाकिस्तान में भारतीय टीवी चैनलों पर पाबंदी लगाई गई है. इससे पहले मार्च 2019 में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने निजी टीवी चैनलों के भारतीय फिल्में और टीवी शो प्रसारित करने पर मंगलवार को प्रतिबंध लगा दिया था.

यह आदेश पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ें तनाव के मद्देनजर जारी किया गया था. न्यायमूर्ति गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली शीर्ष न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर भारतीय कार्यक्रमों के प्रसारण से जुड़े मामले की सुनवाई की थी और यह आदेश दिया था.

पाकिस्तान कोर्ट ने 2018 में भी लगाई थी पाबंदी

यही नहीं, अक्टूबर 2018 में भी पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने लाहौर उच्च न्यायालय के 2017 के आदेश को पलटते हुए देश के टीवी चैनलों पर भारतीय कंटेट प्रसारित करने पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया था. पाकिस्तानी कोर्ट ने कहा था, 'वह हमारे बांध के निर्माण में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं और हम उनके चैनलों पर भी रोक नहीं लगा सकते?'

उन्होंने भारतीय कार्यक्रमों के प्रसारण को 'बंद करने' और अधिकारियों को 'सिर्फ उचित कंटेंट प्रसारित' करने के आदेश दिए. पीईएमआरए ने 2016 में स्थानीय टीवी और एफएम रेडियो चैनलों पर भारतीय कंटेंट प्रसारित करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था.

जिसके बाद 2017 में लाहौर उच्च न्यायालय ने पीईएमआरए द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को यह कहते हुए हटा दिया था कि 'विश्व एक वैश्विक गांव बन गया है' और संघीय सरकार के आपत्ति नहीं दर्ज कराने के चलते इसे अमान्य ठहरा दिया था.

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