scorecardresearch
 

US शटडाउन के इफेक्ट्स: सरकारी सेवा से फ्री ब्रेस्ट इन्लार्जमेंट पर बैन

अमेरिका में शटडाउन का असर हर सेक्टर पर पड़ रहा है. अब यहां महिलाओं को नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) के तहत फ्री में ब्रेस्ट का साइज बढ़वाने पर बैन लगा दिया गया है. कहा जा रहा है कि केवल इसी एक सर्जरी के लिए 10 हजार पाउंड का नुकसान झेलना पड़ता है, जो सीधे-सीधे करदाताओं की जेब से निकलता है.

Advertisement
X
सरकारी सेवाओं में कटौती
सरकारी सेवाओं में कटौती

अमेरिका में शटडाउन का असर हर सेक्टर पर पड़ रहा है. अब यहां महिलाओं को नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) के तहत फ्री में ब्रेस्ट का साइज बढ़वाने पर बैन लगा दिया गया है. कहा जा रहा है कि केवल इसी एक सर्जरी के लिए 10 हजार पाउंड का नुकसान झेलना पड़ता है, जो सीधे-सीधे करदाताओं की जेब से निकलता है.

हेल्थ सेक्रेटरी जेरेमी हंट के साथ काम करने वाले स्वास्थ्य सलाहकार ने इसकी सलाह दी है. अब महिलाओं को अपनी खूबसूरती बढ़ाने के लिए मुफ्त में (करदाआताओं के पैसे पर) मेडिकल सेवाएं नहीं दी जाएंगी. गौरतलब है कि अमेरिका में जो महिलाएं ये क्लेम करती थीं कि वे अपनी ब्रेस्ट के साइज के चलते डिप्रेशन में हैं, उन्हें फ्री में ब्रेस्ट इन्लार्जमेंट का विकल्प दिया जाता था.

अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी सेवाएं पाने वाली महिलाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा था, जिससे सिस्टम बिगड़ रहा था. नई योजना से पैसा बचाया जा सकेगा, क्योंकि यदि प्राइवेट अस्पताल में ऐसी सेवा ली जाती है तो कम से कम 10 हजार पाउंड का खर्च आता है.

बताया गया है कि कई महिलाएं केवल अपना सौंदर्य बढ़ाने के लिए ही इन सेवाओं का लाभ उठाती थीं. लेकिन यह सेवा केवल उन्हीं के लिए है जो वाकई तनाव में हैं.

Advertisement

नई योजना के तहत मापदंड कड़े किए गए हैं. अब केवल उन्हीं महिलाओं को एनएचएस सेवाएं मिल पाएंगी, जो ये सिद्ध कर देंगी कि उनकी ब्रेस्ट का साइज वाकई उनके लिए अवसाद (डिप्रेशन) का कारण है. इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर के इलाज को इस दायरे से बाहर रखा गया है.

सरकारी सलाहकार चाहते हैं कि इसका लाभ उन्हें ही मिले, जो वास्तव में जरूरतमंद हैं. असली जरूरतमंदों और केवल सौंदर्य की दृष्टि से आई महिलाओं के बीच भेद किया जाना जरूरी कर दिया गया है. जिन महिलाओं की ब्रेस्ट ज्यादा बड़ी है और इससे दर्द होता है या फिर जो अपनी ब्रेस्ट के कम साइज के चलते डिप्रेशन में हैं, उनका इलाज अब भी पहले की तरह दिया जाता रहेगा.

गौरतलब है कि अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शुरू हुआ विवाद गंभीर रूप ले चुका है. नए वित्तीय वर्ष के‍ लिए अभी तक बजट पास नहीं हो पाया है.

Advertisement
Advertisement