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कनाडा में Omicron वैरिएंट के 15 केस, बढ़ सकती है भारत की चिंता! WHO ने अफ्रीकी देशों के लिए उठाया बड़ा कदम

देश और दुनिया के लिए ओमिक्रॉन नई मुसीबत बन गया है. कनाडा ने Omicron वैरिएंट के 15 मामलों की पुष्टि हुई है और यहां कोरोना दोबारा बुरी तरह फैल सकता है. सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने ये जानकारी दी है.

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Omicron Omicron
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कनाडा में Omicron के 15 केस
  • WHO ने अफ्रीकी देशों के लिए उठाया बड़ा कदम

देश और दुनिया के लिए ओमिक्रॉन (Omicorn) नई मुसीबत बन गया है. कनाडा ने Omicron वैरिएंट के 15 मामलों की पुष्टि हुई है. आशंका जताई गई है कि वहां कोरोना दोबारा बुरी तरह फैल सकता है. सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने ये जानकारी दी है.

बता दें कि कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं और वहां से भारतीयों की काफी आवाजाही भी रहती है. ऐसे में ये भारत के लिए भी बड़ी चिंता की बात है. दूसरी तरफ, देश में पहले ही एक कोरोना केस ऐसा मिल चुका है, जिसकी वापसी कनाडा से हुई है.

हैदराबाद के आरजीआई एयरपोर्ट पर एक दिन में 7 यात्री कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. सभी को TIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अब तक 12 अंतरराष्ट्रीय यात्री कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं. इनमें से 9 यूके, 1 सिंगापुर, 1 कनाडा और 1 यात्री अमेरिका से भारत पहुंचा है. ओमिक्रॉन के लिए इनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं.

कनाडा से आया ये केस ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है, क्योंकि अभी तक दक्षिण अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों को लेकर अलर्ट मोड में किया जा रहा है, अब जबकि कनाडा में भी ओमिक्रॉन के केस बढ़ने लगे हैं तो निश्चित ही ये भारत के लिए भी सावधानी का सबब बन सकता है.

दक्षिण अफ्रीकी देशों को WHO का इमरजेंसी फंड

इधर, दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने के बाद से चिंता की स्थिति पैदा हो गई है. ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अगले तीन महीने इस वायरस के जंग के लिए दक्षिण अफ्रीकी देशों को 12 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इमरजेंसी फंड आवंटित किया है. गुरुवार को अफ्रीका के लिए WHO के क्षेत्रीय आपातकालीन निदेशक अब्दुल सलाम गुए ने इसकी घोषणा की थी.

कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए भेजे गए विशेषज्ञ 

डब्ल्यूएचओ ने बोत्सवाना, मोज़ाम्बिक और नामीबिया में जीनोमिक अनुक्रमण की सुविधा के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के गौतेंग प्रांत में निगरानी और कांटेक्ट ट्रेसिंग में सहायता के लिए विशेषज्ञों को भी भेजा है.

ये विशेषज्ञ मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए बोत्सवाना को तकनीकी सहायता भी प्रदान करेंगे. गुए ने कहा कि म्यूटेंट स्ट्रेन पर शोध यह समझने के लिए चल रहा है कि क्या यह अधिक संक्रामक है. उनका यह भी कहना है कि शोधकर्ता इस बात का अध्ययन करेंगे कि वैरिएंट पर कोरोना के टीके प्रभावी हैं या नहीं.

कोविड के नए रूप के लक्षण

ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के सभी वैरिएंट्स में सबसे ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है. ओमिक्रॉन को लेकर जुटाए गए शुरुआती डेटा के मुताबिक, ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित मरीजों को बहुत अधिक थकान, गले में खराश, मांशपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं आती हैं. इस वैरिएंट के लक्षण डेल्टा वैरिएंट से अलग हैं. ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति के स्वाद और गंध की क्षमता में कोई बदलाव नहीं देखा गया है. ओमिक्रॉन का पता लगाने वाली दक्षिण अफ्रीका की डॉक्टर ने बताया कि फिलहाल मरीजों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं. इस वैरिएंट से संक्रमित लोग गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़े हैं. 

वैरिएंट से बचने के लिए रखें ये सावधानियां

-ओमिक्रोन वैरिएंट से बचने के लिए अपना कोविड-19 की दोनों डोज जरूर लें.
-सामाजिक दूरी का पालन करें और नियमित अंतराल पर हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
-सार्वजनिक जगहों पर जाने से पहले मास्क का प्रयोग करें. जरूरी न हो तो यात्रा करने से बचें.
-भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचें. नियमित अंतराल पर हाथों को अच्छे से धोएं.
-घर या ऑफिस के अंदर पर्याप्त वेंटीलेशन होना जरूरी.
-ओमिक्रोन वैरिएंट का कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

 

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