बगदाद एयरपोर्ट पर ईरानी जनरल कमांडर कासिम सुलेमानी को हमले में मार गिराने के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान समेत कई देशों से बातचीत कर अपनी स्थिति स्पष्ट की. अमेरिका ने कहा कि उसने मध्य-पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी हितों की सुरक्षा के लिए सुलेमानी की हत्या की.
बता दें कि शुक्रवार को ईरान की कुद्स फोर्स के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी
अमेरिकी एयर स्ट्राइक में मारे गए जिसके बाद ईरान ने भी बदला लेने का ऐलान
कर दिया. सुलेमानी की मौत से मध्य-पूर्व क्षेत्र में हिंसा और अस्थिरता की आशंका पैदा हो गई है.
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ट्वीट किया, कासिम सुलेमानी को मारने की अमेरिकी रक्षात्मक कार्रवाई को लेकर मेरी पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा से बातचीत हुई. क्षेत्र में ईरान की गतिविधियां अस्थिरता पैदा करने वाली हैं. हम अमेरिका के हितों और नागरिकों की सुरक्षा के अपने संकल्प से कभी पीछे नहीं हटेंगे.
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान
के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के अलावा जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको
मास, फ्रांस के विदेश मंत्री जिएन युवेस ले ड्रियान और अफगानिस्तान के
राष्ट्रपति अशरफ गनी से बातचीत की.
हालांकि, ट्विटर पर सुलेमानी की मौत और अमेरिकी एयर स्ट्राइक को छोड़कर
किसी और बात पर ही बहस छिड़ गई. ट्विटर यूजर्स ने हैरानी जताई कि पोम्पियो
ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को फोन करने के बजाय जनरल बाजवा को
फोन क्यों किया? पाकिस्तान का विपक्ष भी आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान की असली कमान सेना के ही हाथों में हैं जबकि इमरान खान सिर्फ नाम की सरकार चला रहे हैं.
ट्विटर पर पाकिस्तानी समेत तमाम यूजर्स ने इसे लेकर सवाल खड़े किए. बिलाल अहमद नाम के यूजर ने लिखा, आर्मी चीफ क्यों? क्या हमारे यहां राष्ट्राध्यक्ष या आदरणीय प्रधानमंत्री बातचीत के लिए मौजूद नहीं हैं? वहीं, एक अन्य यूजर ने सवाल किया कि अमेरिका ने बाकी सारे देशों के राष्ट्र प्रमुखों के साथ बात की लेकिन पाकिस्तान में उन्होंने सेना प्रमुख बाजवा को फोन क्यों किया?
एक यूजर ने लिखा कि अमेरिकी विदेश मंत्री के इस ट्वीट से बिल्कुल साफ हो जाता है कि वह पाकिस्तान का मुखिया किसे मानता है.
असद हासिम नाम के ट्विटर ने लिखा, सारे पर्दे हट गए, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अपने समकक्ष पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी या पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बजाय सीधे पाकिस्तान के आर्मी चीफ से बातचीत की.
वहीं, कुछ यूजर्स ने इस स्थिति को लेकर कई फनी मीम्स भी शेयर किए. लोगों ने इमरान खान को इस पूरे घटनाक्रम में अलग-थलग पड़ता दिखाया.