गूगल ने अपनी नई पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के गठन का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही कंपनी ने घोषणा की है कि भारत में जन्मे सुंदर पिचाई गूगल के नए सीईओ होंगे. 43 वर्षीय पिचाई आईआईटी खड़गपुर में पढ़ाई के बाद स्टैनफोर्ड और व्हार्टन यूनिवर्सिटी चले गए थे. सुंदर पिचाई तकनीक की सबसे प्रगतिशील दुनिया यानी सिलिकॉन वैली में भारतीय परचम लहराने वाले अकेले नहीं है. उन्हें अलावा भी कई ऐसे भारतीय-अमेरिकी हैं, जिन्होंने देश के मान को बढ़ाया है.
सत्य नाडेला
साल 2014 में सत्य नाडेला को माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ बनाया गया. नाडेला का जन्म हैदराबाद में हुआ है. उनके पिता आईएएस अधिकारी रहे हैं. उन्होंने मनिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से 1988 में कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री ली.
शांतनु नारायण
शांतनु को 2005 में दिग्गज सॉफ्टवेयर फर्म एडोबी का सीईओ बनया गया. वह इंटरनेट पर फोटो शेयरिंग के लिए मशहूर वेबसाइट पिक्ट्रा के को-फाउंडर भी हैं. नाडेला की तरह शांतनु का भी पालन-पोषण हैदराबाद में ही हुआ है.
पद्मश्री वारियर
पद्मश्री नेटवर्किंग सिस्टम्स बनाने वाली मशहूर कंपनी सिस्को सिस्टम्स की चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं. वियवाड़ा में 1961 में जन्मीं पद्मश्री ने दिल्ली स्थित आईआईटी से पढ़ाई की है. वह मोबाइल फोन मेकर कंपनी मोटोरोला के साथ भी 23 वर्षों तक जुड़ी रही हैं.
विनोद खोसला
सन माइक्रोसिस्टम के को-फाउंडर विनोद खोसला अमेरिका के सिलिकॉन वैली में एक जाना-पहचाना नाम है. 1955 में दिल्ली में जन्मे खोसला ने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.
अमित सिंघल
गूगल दुनियाभर में अपने सर्च इंजन के कारण मशहूर है, लेकिन आपको यह जानकर खुशी होगी गूगल की इस महारत के पीछे भी एक भारतीय का दिमाग ही काम करता है. अमित सिंघल गूगल सर्च की तमाम तकनीकी पक्ष की जिम्मेदारी संभालते हैं. अमित झांसी के रहने वाले हैं.
रुचि सांघवी
सोशल मीडिया के सरताज फेसबुक ने अपने प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर जिस पहले इंजीनियर की नियुक्ति की, उसका नाम रुचि सांघवी है. फेसबुक में वह न्यूज फीड समेत हर उस तकनीक की देखरेख करती थीं जो एक यूजर देखता है. 2011 में फेसबुक छोड़ उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ कोव की शरुआत की. उनके इस प्रोडक्ट को एक साल बाद ही ड्रॉपबॉक्स ने एक्वायर कर लिया.
दीपक आहूजा
मशहूर कार मेकर कंपनी फोर्ड के साथ लंबे करियर के बाद 2008 में दीपक आहूजा ने टेस्ला ज्वॉइन किया. वह कंपनी के सबसे दमदार एग्जीक्यूटिव्स में से एक हैं. दीपक ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री ली है.
पूजा शंकर
फेसबुक और ओरेकल जैसी संस्थाओं में काम कर चुकीं पूजा ने 2009 में पियाजा की शुरुआत की. यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो छात्रों को प्रबंधन की शिक्षा देता है.
कवितर्क राम श्रीराम
गूगल के शुरुआती निवेशकों में शुमार राम शेरपालो वेंचर्स के फाउंडश्र और मैनेजिंग पार्टनर भी हैं. उन्होंने चेन्नई से पढ़ाई की है. वह वेबसाइट जंगली के फाउंडर रह चुके हैं.