पश्चिम बंगाल में सड़कों पर नमाज को लेकर बयान के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. बीजेपी विधायक अर्जुन सिंह ने आजतक से बातचीत में साफ कहा कि 'राज्य में अब सार्वजनिक सड़कों पर नमाज की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए'. उन्होंने कहा कि 'नमाज के लिए मस्जिदें बनी हैं और लोगों को वहीं जाकर अपनी इबादत करनी चाहिए.' उनके इस बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे को सामने ला दिया है.
दरअसल, अर्जुन सिंह का कहना है कि यह फैसला किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से कई प्रशासनिक मामलों में बेहद सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. इन निर्देशों का मकसद राज्य में अनुशासन लाना है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अक्सर सड़कों पर नमाज होने की वजह से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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अदालत के आदेश और नियमों की सख्ती
विधायक अर्जुन सिंह ने अपने बयान में इस मामले में कानूनी आधार का भी हवाला दिया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले से ही अदालत के आदेश मौजूद हैं और प्रशासन अब इन्हें जमीन पर सख्ती से लागू करने की दिशा में काम कर रहा है. उनके मुताबिक, सार्वजनिक रास्तों का इस्तेमाल किसी भी ऐसी गतिविधि के लिए नहीं होना चाहिए, जिससे आम लोगों को आवाजाही में परेशानी हो. उन्होंने साफ किया कि नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तय दिशा-निर्देशों को लागू करना प्रशासन की जिम्मेदारी है.