प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय दृश्य दिखे. इस बार 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में अमृत स्नान किया, जो कई देशों की आबादी से भी अधिक है. अमृत स्नान को राजसी स्नान के नाम से जाना जाता है, जहां 13 अखाड़ों के नागा साधु हाथी, घोड़े और रथ पर सवार होकर भव्यता के साथ संगम में स्नान करते हैं.