लखनऊ के विकासनगर में भीषण आग के पांच दिन बाद पीड़ितों ने फिर से छप्पर डालना शुरू कर दिया है. राहत सामग्री के बीच अवैध बस्ती में असुरक्षित बिजली लाइनों और केबल नेटवर्क का जाल अभी भी बरकरार है, जो प्रशासन की अनदेखी और भविष्य के बड़े खतरों की ओर इशारा कर रहा है.