उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मंगलवार को सनातन हिंदू सेवा संस्थान की तरफ से सनातन धर्म सभा का आयोजन रामलीला मैदान में किया गया. इस धर्म सभा का आयोजन हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ डॉक्टर पूजा शकुन पांडे ने किया.
कार्यक्रम में युवतियों को गीता और कटार भेंट की गई. कार्यक्रम में डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी ऋषिपाल सिंह समेत तमाम हिंदूवादी लोग मौजूद थे.
2034 में भारत का प्रधानमंत्री मुसलमान जरूर बनेगा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहां की महिलाएं यदि अपने घर, राम मंदिर और अपने आप को बचाना चाहती है, तो ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें. क्योंकि एक दिन ऐसा आएगा, जब यह जिहादी राम मंदिर को तोड़ने का कार्य करेंगे. 2034 में भारत का प्रधानमंत्री मुसलमान जरूर बनेगा.
एक बार भारत का प्रधानमंत्री मुसलमान बना, तो यह लिखकर रखिए केवल 20 साल के अंदर वह 40 पर्सेंट हिंदू मर्दों का कत्ल करेंगे. 50% हिंदू मर्द अपनी मर्जी से डर के कारण धर्म परिवर्तन कर लेंगे और 10 परसेंट जो हिंदू मर्द बचेंगे, वह या तो रिफ्यूजी कैंप में रहेंगे या विदेश में रहेंगे.
22 जनवरी ऐतिहासिक बनेगा, जब विराजमान होंगे रामलला
यति नरसिंहानंद ने मंच से कहा कि 22 जनवरी एक ऐतिहासिक तिथि बनेगा, जब रामलला विराजमान हो जाएंगे. एक बात हमेशा याद रखिए जो कौम, जो जाति, जो देश लड़ाई अधूरी छोड़कर जीतने का जश्न मनाते रहते हैं, उनकी बर्बादी को उसके विनाश को कोई रोक नहीं सकता. जिन लोगों ने राम मंदिर को तोड़ा था, वह कोई व्यक्ति नहीं था. वह एक विचारधारा थी, जो अरब के रेगिस्तान में पैदा हुई.
मीडिया से बात करते हुए यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि महामंडलेश्वर में सनातन धर्म सभा का आयोजन किया था. मुझे भी बुलाया और मैं आया. आप सभी लोग इसका आकलन करिए कि हम हिंदुओं ने पहले से एक बेटा और एक बेटी वाला नियम शुरू कर दिए थे. बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जो बहुत बच्चे पैदा करके लोकतंत्र के माध्यम से इस देश पर कब्जा करना चाहते हैं.
परिवार की रक्षा का दायित्व लें और अपने परिवार को मजबूत करें
अगर एक बार इस देश पर उनका कब्जा हो गया, तो हिंदुओं के लिए यहां कुछ नहीं बचने वाला. हिंदुओं सबसे अनुरोध है कि अपने परिवार की रक्षा का दायित्व लें और अपने परिवार को बड़ा और मजबूत करें. अगर वह अपने परिवार को बचाना चाहते हैं, तो AMU जैसे संस्थान को बंद करें.