रेलवे जैसी विशाल व्यवस्था में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं और हजारों कर्मचारी दिन-रात काम में जुटे रहते हैं. लेकिन इसी व्यवस्था के भीतर कभी-कभी ऐसे मामले भी सामने आ जाते हैं, जो सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर देते हैं. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ा ऐसा ही एक मामला इन दिनों चर्चा में है. यहां एक लोको पायलट ने मेडिकल छुट्टी बढ़ाने की मांग को लेकर ऐसा कदम उठा लिया, जिसने रेलवे प्रशासन को भी असहज स्थिति में डाल दिया.
दरअसल, लखनऊ रेल मंडल में तैनात एक लोको पायलट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह अधिकारियों के सामने विरोध करते नजर आ रहा है.आरोप है कि मेडिकल छुट्टी बढ़ाने की मांग लगातार ठुकराए जाने के बाद उसने गुस्से में सार्वजनिक रूप से पैंट उतारकर अपने ऑपरेशन के टांके दिखा दिए. यह घटना सामने आते ही रेलवे महकमे में हलचल मच गई. कर्मचारी संगठनों ने इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं.
ऑपरेशन के बाद मांगी थी छुट्टी
बताया जा रहा है कि लोको पायलट राजेश मीणा हाल ही में पाइल्स की सर्जरी से गुजरे थे. ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें कुछ समय तक आराम करने की सलाह दी थी. शुरुआती मेडिकल छुट्टी खत्म होने के बाद उन्होंने उसे बढ़ाने के लिए आवेदन दिया. राजेश मीणा का कहना है कि उनका घाव अभी पूरी तरह भरा नहीं था और बैठकर लंबी ड्यूटी करना उनके लिए मुश्किल था. लोको पायलट की नौकरी में घंटों इंजन में बैठकर ट्रेन चलानी पड़ती है, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक आराम करने की सलाह दी थी. इसी वजह से वह मेडिकल लीव बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के चीफ क्रू कंट्रोलर कार्यालय पहुंचे. उन्होंने अपनी मेडिकल रिपोर्ट, दवाइयों की पर्ची और डॉक्टर की सलाह से जुड़े दस्तावेज भी अधिकारियों को दिखाए.
लेकिन नहीं बढ़ाई गई छुट्टी
राजेश मीणा का आरोप है कि दस्तावेज दिखाने के बावजूद उनकी छुट्टी बढ़ाने से इनकार कर दिया गया. उन्होंने अधिकारियों को समझाने की कोशिश की कि वह अभी ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं हैं. लेकिन कथित तौर पर उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया. इसके बाद वह तनाव और गुस्से में आ गए. बताया जाता है कि इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगर उन्हें घाव देखने की जरूरत है तो वह दिखा सकते हैं. कुछ देर बाद स्थिति इतनी असहज हो गई कि उन्होंने वहीं अपनी पैंट उतारकर ऑपरेशन के टांके दिखा दिए. वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक माहौल गरमा चुका था.
किसी ने बना लिया वीडियो
घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. कुछ ही समय बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आते ही रेलवे कर्मचारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई. कई लोग इसे एक कर्मचारी की मजबूरी बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि इस तरह का विरोध करने की नौबत ही क्यों आई. सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे प्रशासन की संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं.
यूनियन ने उठाए सवाल
रेलवे कर्मचारियों की यूनियन ने इस घटना पर नाराजगी जताई है. यूनियन नेताओं का कहना है कि कोई भी कर्मचारी बिना वजह इस तरह का कदम नहीं उठाता. उनका कहना है कि अगर किसी कर्मचारी की तबीयत खराब है और उसके पास मेडिकल दस्तावेज मौजूद हैं, तो उसकी स्थिति को समझना चाहिए. यूनियन का आरोप है कि बीमार कर्मचारी के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसकी वजह से उसे सार्वजनिक रूप से विरोध करना पड़ा. यूनियन ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
रेलवे प्रशासन ने क्या कहा
वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन भी हरकत में आया है.अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है.प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर छुट्टी क्यों नहीं बढ़ाई गई और उस समय कार्यालय में क्या स्थिति थी.साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं.रेलवे अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के साथ अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन अनुशासन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है.