मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई. यह बढ़ी हुई राशि 1 मई से लागू होगी. इसी तरह अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय भी 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है.
परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव के लिए कैबिनेट ने पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को स्वीकृति दी है. ये बस अड्डे पूरी तरह एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. इस निर्णय से प्रदेश के 52 जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी.
एयरपोर्ट की तर्ज पर बस स्टेशन
परिवहन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश में हवाई अड्डों जैसी सुविधाओं वाले बस अड्डे तैयार किए जाएंगे. पहले चरण में 23 बस अड्डों की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब 49 और नए स्टेशनों को मंजूरी मिली है. हाथरस के सिकंदराराऊ में बस अड्डे के लिए कृषि विभाग की 2 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क देने पर सहमति बनी है. इसके अलावा बुलंदशहर के डिबाई में सिंचाई विभाग और बलरामपुर के तुलसीपुर में पीडब्ल्यूडी की जमीन बस अड्डों के लिए हस्तांतरित की जाएगी.
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की चांदी
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा. सरकार ने लंबे समय से लंबित मानदेय वृद्धि की मांग को पूरा करते हुए शिक्षामित्रों के वेतन में 8 हजार रुपये की सीधी बढ़ोतरी की है. अब उन्हें हर महीने 18 हजार रुपये मिलेंगे. वहीं, अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में भी 8 हजार रुपये का इजाफा कर इसे 17 हजार रुपये कर दिया गया है. 1 मई से सभी पात्रों के बैंक खातों में बढ़ी हुई राशि भेजी जाएगी.