उत्तर प्रदेश पुलिस पेपर लीक (UP Police Paper Leak) मामले में यूपी एसटीएफ (UP STF) का एक्शन जारी है. एसटीएफ ने अब नेचर वैली रिसॉर्ट के मालिक सतीश धनखड़ को गिरफ्तार किया है. पेपर लीक के मास्टरमाइंडों ने सतीश धनखड़ के ही रिसॉर्ट का इस्तेमाल किया था. इसी रिसॉर्ट में सैकड़ों अभ्यर्थी इकट्ठा हुए थे और उन्हें यहां पर एग्जाम पेपर पढ़वाया गया था.
एग्जाम से पहले यूपी पुलिस का पेपर पढ़वाने के बदले हर छात्र से सात लाख रुपये की डील हुई थी. फिलहाल, धनखड़ को हिरासत में लेकर यूपी एसटीएफ पूछताछ कर रही है. इस मामले में एसटीएफ की रडार पर और भी कई लोग हैं.
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मालूम हो कि पेपर लीक केस में बीते 14 मार्च को अभिषेक कुमार शुक्ला, शिवम गिरि, रोहित कुमार पाण्डेय के साथ डॉक्टर शुभम मण्डल को अरेस्ट किया गया था. ये सभी पेपर लीक कराने में अहम किरदार रहे हैं.
जेल भेजे गए इन आरोपियों से की गई पूछताछ में पता चला कि मामले में नेचर वैली रिसॉर्ट (मानेसर, गुरूग्राम) का मालिक सतीश धनखड़ भी शामिल है. धनखड़ यूपी पुलिस भर्ती का पेपर आउट कर अभ्यर्थियों को पढाते समय अपने साथियों सहित रिसॉर्ट में मौजूद था.
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धनखड़ के रिसॉर्ट में हजार से ज्यादा छात्रों को परीक्षा से एक दिन पहले सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर पढ़वाया गया था. पेपर पढ़वाने के बदले हर छात्र से पैसों की डील हुई थी. धनखड़ को STF की मेरठ यूनिट अरेस्ट किया है.
सतीश धनखड़ ने पूछताछ में क्या बताया?
धनखड़ ने बताया कि एक दिन विक्रम पहल (पकड़ा गया एक आरोपी) उसके रिसॉर्ट पर आया था. उसने कहा था कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर होने वाला है. वह और उसकी टीम के सदस्य पेपर आउट कराने में लगे हुए हैं. जिस दिन वह कहे उस दिन रिसॉर्ट खाली रखना होगा. सब काम हो जाने के बाद 18-20 लाख रुपये दिए जाएंगे.
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गौरतलब है कि पिछले दिनों डीजीपी प्रशांत कुमार की ओर से खुलासा किया गया था कि पेपर लीक केस में 178 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और 396 आरोपियों को अरेस्ट किया गया है. पेपर के ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी जिस टीसीआई एजेंसी के पास थी, उसी एजेंसी के पूर्व कर्मचारी आरोपी अभिषेक शुक्ला है और वर्तमान कर्मचारी शिवम गिरी, रोहित पांडे ने वारदात को अंजाम दिया. इसमें डॉक्टर शुभम मण्डल भी शामिल था. डीजीपी प्रशांत कुमार के मुताबिक, वेयर हाउस में डॉक्टर शुभम ने बॉक्स खोला और पेपर की फोटो खींच ली थी.