समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रामभद्राचार्य पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि केवल विशिष्ट वस्त्र पहनने या कान छिदवाने से कोई योगी नहीं बन जाता. अखिलेश ने रामभद्राचार्य पर पूर्व में दर्ज '420' का मुकदमा वापस लेने को अपनी बड़ी भूल करार दिया और कहा कि उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से पहले माहौल खराब करने की कोशिश करेगी. यह हमला उन्होंने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर किया है.
सपा प्रमुख ने रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही है, वैसे-वैसे PDA परिवार बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री के प्रस्तावित जापान दौरे पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि किसी चापलूस अधिकारी की सलाह पर वो वहां जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जापान जाकर उन्हें अफसोस होगा कि 10 साल में उन्होंने क्या नहीं किया.
'भ्रष्टाचार का भार नहीं सह पा रहीं टंकियां'
सपा प्रमुख ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पानी की टंकियां अब भ्रष्टाचार का भार नहीं सह पा रही हैं और 1 लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन अब 2 लाख करोड़ में बन रही है.
सपा प्रमुख ने रामभद्राचार्य के बयान की आलोचना करते हुए लोगों से उनकी कथा न सुनने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर शंकराचार्य की शिकायत करने वाला रामभद्राचार्य का चेला है तो मुकदमा वापस लेना उनकी गलती थी.
उन्होंने उन लोगों पर भी सवाल उठाए जो आज शंकराचार्य के अपमान पर बोल रहे हैं, लेकिन तब चुप थे जब वे प्रयागराज के संगम में ठंड में बाहर बैठे थे.
अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पहली रोटी गाय को नहीं बल्कि खुद खाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर में 'गोरखधंधा' चल रहा है और भाजपा वाले विपक्ष को मनोबल गिराने (demoralize) का काम करते हैं.
अखिलेश का ऑफर
उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक ऑफर देते हुए कहा कि 100 विधायक लाइये और मुख्यमंत्री बन जाइए. अखिलेश ने स्पष्ट किया कि भले ही उनकी सुरक्षा हटा ली जाए, लेकिन वे सरकार को हटाकर ही मानेंगे.