उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के कंपनी बाग स्थित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र में एक ऐसा आम का पेड़ है, जो देश-विदेश की 121 किस्मों के आमों की पैदावार दे रहा है. यह प्रयोग करीब 9 से 10 साल पहले शुरू किया गया था, जब 10 साल पुराने देसी आम के पेड़ को चुना गया और उस पर विभिन्न किस्मों की आम की कलमें लगाई गईं.
इस अनूठे प्रयोग के पीछे उद्देश्य आम की प्रजातियों पर शोध करना और आम प्रेमियों को एक ही स्थान पर कई तरह के स्वाद का अनुभव देना था. इस पेड़ पर दशहरी, लंगड़ा, चौसा, रामकेला, आम्रपाली, लखनऊ सफेदा, टॉमी एट किंग्स, पूसा सूर्या, रटौल, और सहारनपुर की खुद की विकसित की गई किस्में जैसे अरुण, वरुण, सौरभ, गौरव और राजीव भी उगाई जा रही हैं.
एक पेड़ से 121 किस्मों के आमों की पैदावार
सहायक उद्यान विशेषज्ञ आकाश कनौजिया ने बताया कि इन सभी कलमों को उच्च गुणवत्ता, रोगमुक्त और स्वस्थ स्त्रोतों से लिया गया है. इस पेड़ की देखरेख के लिए विशेष नर्सरी इंचार्ज नियुक्त किया गया. यह मॉडल किसान अपने फार्म हाउस या किचन गार्डन में भी अपना सकते हैं.
10 साल पुराने देसी आम के पेड़ को चुना था
इस प्रयोग से किसानों को आम की नई किस्मों की जानकारी मिलती है और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है. इस पेड़ को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं. इसके लिए एक विशेष रास्ता भी बनाया गया है. भविष्य में इसके प्रदर्शन को और व्यापक रूप से पेश करने की योजना बनाई जा रही है.