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चंडीगढ़ की महिला से दोस्ती, कमरा बंद कर घंटों फोन पर बात… कानपुर रिद्धि-सिद्धि केस में नए खुलासे

कानपुर के रिद्धि-सिद्धि डबल मर्डर केस में पत्नी के आरोपों ने जांच को नया मोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि पति की चंडीगढ़ की एक महिला से करीबी दोस्ती थी, वह वहां जाकर कई दिन रुकता था और घर में कमरे में बंद होकर घंटों फोन पर बात करता था. अपना फोन किसी को छूने नहीं देता था. पुलिस अब इस चंडीगढ़ कनेक्शन, मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज की गहराई से जांच कर रही है.

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पति ने दो बेटियों को मार डाला, पत्नी बेसुध (Photo- ITG)
पति ने दो बेटियों को मार डाला, पत्नी बेसुध (Photo- ITG)

कानपुर के किदवईनगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में 11 वर्षीय जुड़वां बहनों रिद्धि और सिद्धि की हत्या का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. शुरुआती जांच में जहां पुलिस कारणों को लेकर असमंजस में थी, वहीं अब आरोपी की पत्नी रेशमा छेत्री के आरोपों ने इस केस में एक नया एंगल जोड़ दिया है.

पत्नी का दावा है कि उसके पति का चंडीगढ़ की एक महिला से करीबी संबंध था, जिसके बाद उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया. देर रात कमरे में बंद होकर घंटों फोन पर बात करना, मोबाइल छिपाकर रखना और परिवार से दूरी बनाना. ये सब बातें अब पुलिस जांच का हिस्सा बन गई हैं. रेशमा छेत्री का कहना है कि पति पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर चंडीगढ़ में काम करता था. नौकरी छोड़ने के बाद भी उसका वहां आना-जाना जारी रहा. कई बार वह बिना स्पष्ट कारण बताए कई-कई दिनों तक बाहर रहता था. रेशमा के मुताबिक, इसी दौरान उसका संपर्क एक महिला से हुआ और उसके बाद उसका स्वभाव बदलने लगा. रेशमा ने बताया कि वह कमरे में खुद को बंद कर लेता था, घंटों फोन पर बात करता था. किसी को मोबाइल छूने नहीं देता था.

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सवालों के घेरे में व्यवहार में अचानक बदलाव

पुलिस सूत्रों का कहना है कि किसी भी गंभीर अपराध के पीछे आरोपी के व्यवहार में आए बदलाव अहम सुराग देते हैं. इस मामले में भी पत्नी द्वारा बताए गए घटनाक्रम को गंभीरता से लिया जा रहा है. परिवार के भीतर बढ़ती दूरी, शक और गुस्सा ये सभी बातें अब जांच का हिस्सा हैं. हालांकि, अधिकारी साफ कहते हैं कि सिर्फ किसी महिला से संपर्क होना ही हत्या का कारण साबित नहीं करता.

डेढ़ घंटे में दो जिंदगियां खत्म

इस मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि आरोपी ने बेहद कम समय में अपनी ही दोनों बेटियों की हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार, घटना देर रात हुई, जब घर के बाकी सदस्य अलग-अलग कमरों में थे. आरोप है कि पहले बच्चियों का गला दबाया गया और फिर धारदार हथियार से हमला कर उनकी जान ले ली गई. घटना के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को कॉल कर जानकारी दी. 

प्रेम विवाह से शुरू हुई कहानी

रेशमा छेत्री और शशिरंजन मिश्रा की शादी 2014 में प्रेम विवाह के रूप में हुई थी. अलग-अलग राज्यों से होने के बावजूद दोनों ने साथ जिंदगी शुरू की. परिवार में तीन बच्चे थे. जुड़वां बेटियां रिद्धि और सिद्धि और एक छोटा बेटा. शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ते में तनाव बढ़ता गया. गोविंद नगर से त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद परिवार बाहरी दुनिया से कुछ हद तक कट सा गया था.

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घरेलू हिंसा के आरोप भी गंभीर

रेशमा ने सिर्फ अवैध संबंधों का ही नहीं, बल्कि घरेलू हिंसा का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पति उन्हें लेकर शक करता था और कई बार मारपीट भी करता था. एक घटना में चाकू से हमला करने की बात भी उन्होंने कही है. इस घटना के बाद वह मायके चली गई थीं, लेकिन बच्चों की चिंता उन्हें वापस खींच लाई. करीब नौ महीने बाद वह फिर उसी घर में लौटीं, जहां अब यह भयावह घटना घट चुकी है.

निगरानी में था पूरा घर

इस केस का एक और चौंकाने वाला पहलू है. घर में लगे सीसीटीवी कैमरे. मुख्य दरवाजे से लेकर अंदर के कमरों तक निगरानी के इंतजाम थे. यहां तक कि जिस कमरे में बच्चियां सोती थीं, वहां भी कैमरे लगे हुए थे. पुलिस के मुताबिक, कुछ कैमरों की रिकॉर्डिंग आरोपी के मोबाइल में सेव है, जो फिलहाल लॉक है. पासवर्ड न मिलने के कारण जांच एजेंसियां तकनीकी मदद ले रही हैं. दूसरी ओर, डीवीआर में जो फुटेज मिली है, उसमें देर रात घर के भीतर हलचल और एक बच्ची के बाथरूम जाने की तस्वीरें सामने आई हैं. ये फुटेज घटनाक्रम की टाइमलाइन समझने में मदद कर सकती हैं.

डिजिटल सबूत बनेंगे अहम सुराग

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जांच अधिकारी मानते हैं कि इस केस की गुत्थी सुलझाने में डिजिटल सबूत सबसे अहम भूमिका निभा सकते हैं. मोबाइल कॉल डिटेल, चैट हिस्ट्री, लोकेशन डेटा और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग इन सभी को खंगाला जा रहा है. खासतौर पर चंडीगढ़ से जुड़े संपर्कों की जांच तेज कर दी गई है. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. त्रिमूर्ति अपार्टमेंट और आसपास के लोग अब भी सदमे में हैं. लोगों के मन में एक ही सवाल है कि आखिर एक पिता अपने ही बच्चों के साथ इतना क्रूर कैसे हो सकता है? पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार नजीराबाद में किया गया. इस दौरान परिवार और रिश्तेदारों का दर्द साफ झलक रहा था. मासूमों की असमय मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया.

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