उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि देश के लोग 'भारत माता' को सर्वोपरि मानते हैं, चाहे वे किसी भी धर्म या देश के किसी भी हिस्से से हों. लखनऊ के विधान भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद योगी ने कहा कि हर किसी में यह भावना होनी चाहिए कि अगर मैं अपने कर्तव्यों का पालन करता हूं, तो मेरी आने वाली पीढ़ी मेरा सम्मान करेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी एक 'नया भारत' देख रहे हैं. उन्होंने कहा, रूप-रंग, पहनावे और खान-पान में अलग-अलग होने के बावजूद हमारी भावनाएं एक जैसी हैं. भारतीय चाहे पूरब, पश्चिम, उत्तर या दक्षिण के हों, किसी भी धर्म के हों, (लेकिन) वे सबसे पहले भारत माता को ही सबसे ऊपर मानते हैं. भारत माता, हमारा देश, उनकी पहली प्राथमिकता है.
सांस्कृतिक एकता के उदाहरणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले केरल में जन्मे एक साधु ने आदिशंकर के रूप में देश के चार कोनों में 'पीठ' की स्थापना की.
सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश एक नए दर्शन पर आगे बढ़ रहा है. भारत प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी के नेतृत्व में जी20 की अध्यक्षता कर रहा है. यह हर भारतीय के लिए गर्व महसूस करने का अवसर है.
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा ने राज्य के प्रति धारणा बदल दी है. उन्होंने राज्य में विभिन्न एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को बुनियादी ढांचा राज्य के रूप में जाना जाता है.
उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का है. सीएम योगी ने कहा कि देश की लगभग पांचवीं आबादी उत्तर प्रदेश में रहती है. जिस राज्य में इतनी बड़ी आबादी रहती है, उस राज्य की भी कुछ जिम्मेदारी है. उत्तर प्रदेश अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. कृषि क्षेत्र में इसकी 11 प्रतिशत हिस्सेदारी है.
उन्होंने कहा कि किसानों की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश देश में 20 प्रतिशत खाद्यान्न पैदा करने में सफल रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में इसे बढ़ाने की संभावना पर लगातार काम चल रहा है.