यूपी के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) पुलिस कमिश्नर ऑफिस ने 18 वर्ष से कम आयु के युवक-युवतियों द्वारा दोपहिया और चार पहिया वाहन चलाने के संबंध में अभिभावकों को कड़ी हिदायत दी है. पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने पर 25000 रुपये तक का जुर्माना, नाबालिग चालकों के माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई, 12 महीने के लिए वाहन पंजीकरण रद्द करने और नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक लाइसेंस न दिए जाने की चेतावनी दी है.
पुलिस ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और देश के अन्य हिस्सों में नाबालिगों से जुड़ी कई घटनाओं के मद्देनजर कहा कि यह कदम सड़क सुरक्षा और यातायात कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है.
मंगलवार शाम को जारी एक आधिकारिक बयान में, नोएडा पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि नाबालिगों द्वारा कोई भी वाहन चलाना अनुचित और अवैध दोनों है. बयान में कहा गया- किसी भी माता-पिता को अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में दोपहिया या चार पहिया वाहन चलाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए. गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट की यातायात पुलिस सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अभिभावकों से अपने नाबालिग बच्चों को मोटर वाहन चलाने से रोकने का आग्रह करती है.
पुलिस ने दोहराया है कि 18 वर्ष से कम आयु के छात्रों को वैध लाइसेंस के बिना वाहन चलाने की सख्त मनाही है. ऐसे में माता-पिता और अभिभावकों को आगाह किया जा रहा है कि वे अपने बच्चों को दोपहिया या चार पहिया वाहन का उपयोग न करने दें. यातायात पुलिस इस प्रवर्तन अभियान के तहत कड़ी जांच करेगी. किसी भी उल्लंघन का पता चलने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बयान में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के लिए दंड की रूपरेखा दी गई है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 के तहत माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई, 25000 रुपये तक का जुर्माना, 12 महीने के लिए वाहन का पंजीकरण रद्द करना और 25 वर्ष की आयु तक अपराधी नाबालिग को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अयोग्य घोषित करना शामिल है.
नोएडा पुलिस के अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से जुड़े जोखिम कम हों. इसमें कहा गया है, "लोगों से इन नियमों का पालन करने का आग्रह किया जाता है ताकि गंभीर दंड से बचा जा सके."