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लोगों को बेच रहे थे फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी, ऐसे हो रही थी ठगी... नोएडा में पकड़ा गया फेक कॉल सेंटर

आरोपियों ने पुलिस से पूछताछ के दौरान बताया कि वे बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि होने का दावा करके लोगों से संपर्क करते थे. ठगी की रकम को गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था.

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नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश (File Photo: ITG)
नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश (File Photo: ITG)

यूपी के नोएडा में पुलिस ने फर्जी बीमा पॉलिसी और बोनस के झूठे वादे करके लोगों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने मंगलवार को 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये लोग खुद को बीमा एजेंट बताकर कॉल करते थे. साथ ही पीड़ितों को बीमा की रकम खुद के (ठगों) बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए लुभाते थे.

जानकारी मिलने पर नोएडा सेक्टर-63 की पुलिस और गौतम बुद्ध नगर स्थित साइबर क्राइम की जॉइंट टीम ने एक्शन लेते हुए सेक्टर 63 के H-198 से संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. छापेमारी के दौरान दो लैपटॉप, एक मॉडेम, टेलीकॉलर डिवाइस, 31 मोबाइल फोन, 721 डेटाशीट और दो डायरी बरामद कीं.

पुलिस कमिश्नर (साइबर क्राइम) शव्या गोयल ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वे बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि होने का दावा करके लोगों से संपर्क करते थे. उन्हें समाप्त हो चुकी पॉलिसियों का रिन्यू कराने, नई पॉलिसियां खरीदने और पॉलिसी बोनस का दावा करने के लिए राजी करते थे. ठगी की रकम को गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था.

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इन आरोपियों की पहचान छत्रपाल शर्मा, सत्यम, समीर, राज सलाउद्दीन, ईश्वर करमाली, सुहैल, विवेक कुमार, सुमित कुमार, मोहम्मद आसिफ, सुहैल, राजीव कुमार, मिथिलेश और हरिओम के रूप में हुई है. छत्रपाल (32) का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं.

इन आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-63 पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा-318 (धोखाधड़ी), 319 (पहचान बदलकर धोखाधड़ी), 336 (जाली दस्तावेज बनाना), 340 (दस्तावेजों से जालसाजी) व 61 (आपराधिक साजिश) और इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

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