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नौतपा की तपिश से राहत के लिए बाबा विश्वनाथ का फलों के रस से अभिषेक, मंत्रों के बीच इत्र और फूल चढ़ाए

नौतपा की भीषण गर्मी से राहत की कामना के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान विश्वेश्वर का अभिषेक लीची, आम, बेल और गुलाब के रस से किया गया. अभिषेक में खस, मोगरा और गुलाब जैसे इत्र और फूल भी अर्पित किए गए. भक्तों का मानना है कि इस आराधना से भगवान प्रसन्न होकर भक्तों को शीतलता का आशीर्वाद देते हैं.

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नौतपा पर बाबा विश्वनाथ का फलों के रस से अभिषेक
नौतपा पर बाबा विश्वनाथ का फलों के रस से अभिषेक

नौतपा की झुलसाती गर्मी से त्रस्त लोगों को राहत दिलाने की कामना अब भक्तों की पूजा-पद्धति में भी दिखने लगी है. वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में नौतपा के दौरान भगवान विश्वेश्वर का विशेष अभिषेक फलों के रस से किया जा रहा है. यह अभिषेक विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से शुरू किया गया है.

मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि भगवान शिव को समर्पित यह विशिष्ट आराधना हर दिन की जा रही है. अभिषेक में लीची, आम, बेल और गुलाब के रस का उपयोग किया गया है. साथ ही खस, गुलाब और मोगरा जैसे ग्रीष्मकालीन इत्र और पुष्प मालाएं भी अर्पित की जा रही हैं.

भगवान विश्वेश्वर का विशेष अभिषेक फलों के रस से किया गया

गर्मी में शीतलता प्रदान करने वाले पदार्थों से भगवान को स्नान कराने की यह परंपरा सनातन आस्था में गहरे भाव से जुड़ी है. भक्तों का विश्वास है कि जब आराधक अपने आराध्य को शीतलता देने वाला कुछ अर्पित करता है, तो उसका प्रभाव भक्तों पर भी पड़ता है. इस भाव से की गई पूजा न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति और मन की संतुलन साधना भी है.

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अभिषेक में लीची, आम, बेल और गुलाब का रस इस्तेमा हुआ 

इस दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे और भगवान की इस विशेष आराधना में शामिल हुए. विश्वनाथ मंदिर में यह विशेष अभिषेक नौतपा की समाप्ति तक प्रतिदिन किया जाएगा.

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