यूपी मिर्जापुर के छानबे ब्लॉक में विजयपुर गांव में ब्लॉक मुख्यालय पर 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसमें मिर्जापुर नगर से बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा पहुंचे थे. इसके अलावा ब्लॉक के बीजेपी कार्यकर्ता और विधान सभा से अपना दल(एस) विधायक रिंकी कोल भी कार्यक्रम में मौजूद थीं.
इस बीच विधायक रत्नाकर मिश्रा वहां मौजूद गैपुरा चौकी प्रभारी उदय नारायण सिंह कुशवाहा को देखते ही नाराज हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद आए. दारोगा को फटकार लगाते हुए कहा कि कल बताएंगे. जुलूस खत्म हो गया तब आए हो. कुछ होता तो कौन जिम्मेदार होता.
सोशल मीडिया में वायरल हो रहा वीडियो
दारोगा ने विधायक से कार्यक्रम में मौजूद गांव के प्रधान से पूछने के लिए कहा. मगर, विधायक ने कहा कि आप दोनों मिले हो. इसके बाद वहां से निकल गए. विधायक द्वारा दरोगा को फटकार लगाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है.
'विधायक जी पता नहीं क्यों नाराज हो गए'
इसको लेकर चौकी प्रभारी का कहना है कि कार्यक्रम में विधायक के पंहुचने के दस मिनट बाद वो पहुंच गए थे. पूरे समय तक रहे. विधायक जी पता नहीं क्यों नाराज हो गए. वहीं, बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर विंध्याचल थाने पर सूचना दे दी गई थी. इसके बावजूद दारोगा जुलूस के पंहुचने और कार्यक्रम खत्म होने के बाद आए. हमने बस उन्हें समझाया था.
बीते साल मिर्जापुर जिला अस्पताल में मरीज को भर्ती न करने को लेकर नाराज बीजेपी विधायक ने डॉक्टर को जमकर फटकार लगाई थी. मौके से ही विधायक ने डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को कॉल कर दिया था. इसके बाद अस्पताल में मरीज को भर्ती किया गया था.
दरअसल, शहर के संकट मोचन इलाके के रहने वाले गुलाबचंद जायसवाल सांस की बीमारी से पीड़ित थे. वो अपना इलाज करने जिला अस्पताल पहुंचे थे. इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर उन्हें भर्ती करने के बजाय रेफर करने लगे, जिसकी शिकायत मरीज के परिजनों ने मिर्जापुर नगर विधानसभा से बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा से की थी.