''मेरे लिए प्रदर्शनी मत लगाओ. मत करो. मत करो. मेरे प्यारे बेटे को बुला दो. मेरे दुनिया खत्म हो गई. मेरा सबकुछ खत्म हो गया. मेरे बेटू शुभम आ जा...'' बुरी तरह रोती बिलखती शहीद शुभम की मां के ये शब्द किसी के कलेजे को चीरकर रख देंगे. उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने दहाड़े मार-मारकर रोती मां को देख हर कोई ठहर-सा गया.
आंखों में आंसू, करुण क्रंदन, गमगीम माहौल के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता के आगरा स्थित घर पहुंचे हुए थे. मिनिस्टर ने शहीद के माता-पिता के हाथ में सूबे की सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ तरफ से 50 लाख रुपए का चेक दिया.
गमगीन माहौल में डूबे घर के दरवाजे पर शहीद की बुजुर्ग मां को कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के हाथों चेक दिलवाया गया. इस दौरान मंत्री जी के साथ फोटो क्लिक करने वाले भी पहुंचे थे. यह देख शहीद शुभम गुप्ता की मां बुरी तरह बिलख पड़ीं. कहने लगीं कि यह प्रदर्शनी मत लगाओ. बेटे की शहादत से लगभग टूट-सी चुकी मां होश भी खो चुकी थी और बार बार कह रही थी कि बेटे को बुलाकर लाओ. यह सुनकर सब के सब निशब्द थे. साथ ही पास खड़े घर के लोगों ने रुदन-क्रंदन करती शहीद शुभम की मांग को जैसे-तैसे पास संभाला. देखें Video:-
आगरा के कैप्टन शुभम गुप्ता जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे. कैप्टन शुभम गुप्ता के पिता बसंत गुप्ता आगरा में डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट काउंसलर जिला अदालत में हैं.
आगरा के लाल शुभम गुप्ता राजौरी के बाजीमाल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में शहीद हो गए. परिजन इस वर्ष शुभम की शादी की तैयारियों में लगे थे, इसी बीच कैप्टन बेटे के शहीद होने की खबर आ गई.
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गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के राजौरी में बुधवार को आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में सेना के दो अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए थे. शहीद जवानों में आगरा के कैप्टन शुभम गुप्ता भी शामिल हैं. राजौरी में सेना को आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया. वहां 2 आतंकवादी थे.
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सर्च ऑपरेशन के दौरान धर्मसाल के बाजीमल इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. गोलीबारी में दो अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. सर्च ऑपरेशन में सेना के राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों के साथ पैराट्रूपर्स भी शामिल थे, लेकिन आतंकी घात लगाकर बैठे थे. जैसे ही सेना नजदीक पहुंची, तो आतंकी ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे.