उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ मंडली जिला अस्पताल से डॉक्टर के लापरवाही का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि ऑर्थो वार्ड में भर्ती मरीज की बाएं पैर में गोली लगी थी. मगर, आपातकालीन कक्ष में तैनात डॉक्टर ने उसका दाहिने पैर का मेडिकल जांच कर दिया. इसके बाद डॉक्टर ने एक ही घंटे के अंदर मरीज का डिस्चार्ज पेपर भी बना दिया.
मामला सरायमीर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खानपुर का है. यहां के रहने वाले 24 साल के अरविंद यादव ने बताया कि उनके पिता हनुमान यादव की इलाज के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. 24 जनवरी को पिता की तेरहवीं थी. वह उस दिन सुबह 6 बजे के आसपास ठेला लेकर आम की लकड़ी लेने के लिए गया था. तभी पड़ोसी रजनीकांत, रामाश्रय, रमेश और नीरज ने आकर घेर लिया और गोली मार दी.
डॉक्टरों ने दाहिने पैर में दिखाया चोट
गोली बाएं पैर के जांघ से आर-पार हो गई. गोली मारने की सूचना पर मौके पर पहुंची सरायमीर थाने की पुलिस ने उसे सीएचसी खरेवा ले गए. वहां पर डॉक्टर न मिलने पर उसे जिला अस्पताल आजमगढ़ में भर्ती कराया गया. जहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अजहर सिद्दीकी ने इलाज और मेडिकल उपचार किया. फिर दो डॉक्टरों ने बाएं पैर की जगह दाहिने पैर में चोट दिखाया.
गलत रिपोर्ट के कारण दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं
इस लापरवाही और गलत रिपोर्ट के आधार पर पुलिस द्वारा दोषियों पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद पीड़ित पक्ष द्वारा इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को भी दी गई. इस मामले का दोबारा मेडिकल कराने के लिए भी आग्रह किया.
दोबारा जांच कमेटी गठित कर की जाएगी कार्रवाई
वहीं, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमोद कुमार ने बताया कि डॉ मोहम्मद अजहर सिद्दीकी द्वारा मानवीय भूल से बाएं पैर की जगह दाहिने पैर में चोट दिखाया गया है. दोबारा जांच कमेटी गठित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मामले में एसपी ने कही ये बात
आजमगढ़ के एसपी ने बताया कि यह प्रकरण स्वास्थ्य विभाग से संबंधित है और उनकी रिपोर्ट पर पुलिस के पास जो भी सूचना आई उसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की गई है.