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लखनऊ रत्ना सिंह सुसाइड केस: फरार चल रहीं 25-25 हजार रुपये की इनामी दो सहेलियां गिरफ्तार; जानिए पूरा केस

लखनऊ पुलिस ने सैलून मैनेजर रत्ना सिंह आत्महत्या मामले में ₹25-25 हजार की दो इनामी महिला आरोपियों, पल्लवी जोशी (मुंबई से) और वैशाली सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले मुख्य आरोपी शरद सिंह सहित तीन लोग जेल भेजे जा चुके हैं. उधर, मृतका की बहन प्रिया ने परिवार को खतरा बताते हुए इसे 'मेंटल मर्डर' कहा है.

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रत्ना सिंह सुसाइड केस में पल्लवी और वैशाली गिरफ्तार (Photo- ITG)
रत्ना सिंह सुसाइड केस में पल्लवी और वैशाली गिरफ्तार (Photo- ITG)

लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना पुलिस ने सैलून मैनेजर रत्ना सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस टीम ने इस मामले में फरार चल रहीं 25-25 हजार रुपये की दो इनामी महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें से एक मुख्य आरोपी महिला को पुलिस ने मुंबई से ट्रांजिट रिमांड पर लिया है, जबकि दूसरी आरोपी महिला को लखनऊ के ही एक होटल से दबोचा गया है. 

दरअसल, यह पूरा मामला बीते 13 मई 2026 का है, जब गोरखपुर के रहने वाले सुधीर कुमार सिंह ने लखनऊ पुलिस को एक तहरीर दी थी.  पीड़ित पिता का आरोप था कि विपक्षीगणों द्वारा उनकी 31 वर्षीय बेटी रत्ना सिंह को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. इस क्रूर प्रताड़ना से तंग आकर रत्ना ने मौत को गले लगा लिया था. पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गोमतीनगर विस्तार थाने में शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी जोशी, मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. 

मृतका के पिता सुधीर कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी मुख्य आरोपी शरद सिंह के काले कारनामों के बारे में जान गई थी, जिसके बाद उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. वह होटल की आड़ में चल रहे गलत कामों में शरद का साथ नहीं देती थी. पिता के मुताबिक रत्ना काफी हिम्मती थी, लेकिन वह इस कदर टूट गई कि उसने मौत को गले लगा लिया. 

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पिता ने 15 मई की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर गुहार लगाई कि मुख्य आरोपी शरद अपने रसूख का इस्तेमाल कर बचता फिर रहा है. सीएम योगी ने परिवार को त्वरित न्याय का पूरा भरोसा दिया. पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए है.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त ने फरार चल रही दोनों महिला आरोपियों पल्लवी जोशी और वैशाली पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था. इस हाई-प्रोफाइल मामले में तत्परता दिखाते हुए लखनऊ पुलिस ने टेक्निकल इनपुट और सर्विलांस की मदद से पहली कामयाबी मुंबई में हासिल की. गोमतीनगर विस्तार पुलिस की टीम मुंबई के ओशिवारा पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से मुख्य आरोपी पल्लवी जोशी (उम्र 38 वर्ष) को जोगेश्वरी नगर के क्लासिक अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया. पल्लवी को मुंबई की बांद्रा कोर्ट से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आज लखनऊ लाया गया, जहां से उसे जेल भेजा जा रहा है.

वहीं, दूसरी तरफ पुलिस को इस मामले की दूसरी इनामी आरोपी वैशाली सिंह (उम्र 21 वर्ष) को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल के कमरा नंबर 203 से गिरफ्तार कर लिया गया।. पकड़ी गई आरोपी वैशाली मूल रूप से अमेठी जिले की रहने वाली है. इससे पहले पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 मई को मंगलनाथ यादव और 17 मई को मुख्य आरोपी शरद सिंह व प्रशांत शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था.

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उधर, सैलून मैनेजर रत्ना सिंह की आत्महत्या के मामले में बहन ने एक वीडियो जारी करके परिवार पर खतरे की आशंका जताई है. प्रिया सिंह ने कहा- मैं रत्ना सिंह की बहन प्रिया सिंह उन लड़कियों के लिए बोल रही हूं जो पावरफुल लोगों की प्रताड़ना का शिकार हुई हैं. रत्ना बहुत मजबूत और जिंदादिल लड़की थी. वह जीना चाहती थी. अपने सपने पूरा करना चाहती थी. अपना बिजनेस चालू करने वाली थी, लेकिन कुछ लोगों ने उसे इतना परेशान किया कि उसको आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा. सच कहूं तो इसको सुसाइड कहना गलत होगा. ये एक प्लांड मेंटल मर्डर है. बहन ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया था. जिसमें उसने शरद, पल्लवी, वैशाली, मंगल और प्रशांत का नाम लिया था. उसके लिए मैंने एक वीडियो बनाई थी, जिसमें इंस्टाग्राम पर अपलोड किया. जिससे घटना ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और जस्टिस मिले. प्रिया सिंह ने आगे वीडियो में कहा कि सोमवार रात वह वीडियो इंस्टाग्राम से हटा दिया गया. इसके पीछे का रीजन नहीं पता है. हम लोगों को बहुत खतरा है. घटना के बाद से मां सुधबुध खो चुकी है. उन्होंने बहन को 9 महीने तक पेट में पाला था.

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