लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला की दो बार मौत का दावा किया गया है. सेना के अधिकारी की पत्नी की मौत के बाद उनके बेटे ने जो कागजात सेना को दिए, उसमें अलग-अलग दो मृत्यु प्रमाण दिए गए. इसके बाद सेना ने लखनऊ नगर निमग और राज्य सरकार को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है कि आखिर सेना के अधिकारी की पत्नी की मौत कब हुई थी?
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के राजाजीपुरम इलाके में रहने वाले चंद्रिका प्रसाद यादव सेना ने अधिकारी थे, जोकि 26 अक्टूबर 1961 को भर्ती हुए थे और 31 अक्टूबर 1983 को रिटायर हो गए थे. उनकी पत्नी इतवारी देवी का 20 मार्च 2009 को निधन हो गया था. इतवारी देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र नगर निगम की ओर से जारी किया गया था, जिसमें लिखा था कि उनकी मृत्यु लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में हुई थी. चंद्रिका प्रसाद की ओर से पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र सेवा कार्यालय में जमा किया गया था.
2010 में दूसरी महिला से की शादी
चंद्रिका प्रसाद यादव ने 5 नवंबर 2010 को उषा देवी नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली थी. इसी बीच 8 दिसंबर 2023 को चंद्रिका प्रसाद का निधन हो गया. इसके बाद सेना को एक लीगल नोटिस भेजा गया, जिसमें विजय कुमार नाम के शख्स ने खुद को चंद्रिका प्रसाद यादव और इतवारी देवी का बेटा बताया था. इस दौरान उसने अपनी मां का मृत्यु प्रमाण पत्र भी सौंपा.
एक महिला के 2-2 मृत्यु प्रमाण पत्र से कंफ्यूज अधिकारी
ये प्रमाण पत्र देहरादून नगर निगम की ओर से जारी किया गया था. इस पर महिला के निधन की तारीख 21 अप्रैल, 2021 लिखी हुई है. सेना के पास दो अलग-अलग तारीखों और जगहों के मृत्यु प्रमाण मिलने से अधिकारी समझ नहीं पा रहे हैं कि इनमें से कौन सा सर्टिफिकेट सही है और इतवारी देवी का निधन कब हुआ. इसको लेकर अब सेना की ओर से लखनऊ नगर निगम और राज्य सरकार को पत्र लिखकर मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े हुए दस्तावेज की मांग की गई है.