उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोशल मीडिया के जरिए ऐसी घटना सामने आई, जिसने यह साबित कर दिया कि समय पर की गई कार्रवाई किसी की जिंदगी बचा सकती है. यहां इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का इरादा जाहिर करने वाले एक युवक को पुलिस ने महज पांच मिनट के भीतर ढूंढ निकाला और उसकी जिंदगी बचा ली.
यह मामला शहर के सआदतगंज इलाके का है. यहां 24 साल के युवक ने मंगलवार दोपहर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की. पोस्ट में उसने अपनी जिंदगी खत्म करने की बात लिखी थी. हालांकि, यह पोस्ट ज्यादा लोगों तक पहुंचती, उससे पहले ही पुलिस की नजर उस पर पड़ गई.
दरअसल, पुलिस की सोशल मीडिया सेल लगातार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए रखती है. इसी दौरान टीम को यह संदिग्ध पोस्ट दिखाई दी. पोस्ट की गंभीरता को समझते हुए तुरंत इसकी जानकारी सआदतगंज थाने को दी गई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू कर दी.
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सूचना मिलते ही सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई. पुलिस ने तकनीकी मदद से युवक की लोकेशन ट्रेस की और तुरंत मौके के लिए रवाना हो गई. टीम में एडिशनल इंस्पेक्टर सहेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर परविंदर सरोज और कॉन्स्टेबल राम भान और आशीष पाल शामिल थे. पुलिस का दावा है कि सूचना मिलने के महज पांच मिनट के भीतर ही टीम युवक तक पहुंच गई.
जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब युवक मानसिक रूप से काफी परेशान और तनाव में था. वह आत्मघाती कदम उठाने की स्थिति में था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उसे बचा लिया. टीम ने तुरंत उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसकी काउंसिलिंग शुरू की.
पूछताछ में सामने आया कि युवक का उसकी पत्नी के साथ विवाद हुआ था, जिसके बाद वह परेशान था. गुस्से में चलते उसने यह खतरनाक कदम उठाने का फैसला किया था. उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपने दर्द को व्यक्त किया, लेकिन साथ ही यह एक तरह से मदद की पुकार भी थी.
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पुलिस ने मौके पर न सिर्फ युवक की जान बचाई, बल्कि उसे मानसिक रूप से भी संभाला. अधिकारियों ने उसे समझाया, उसके परिवार से बात कराई और स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की.
डीसीपी बोले- युवक सुरक्षित है और सामान्य स्थिति में है
इस पूरे मामले पर डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि युवक अब सुरक्षित है और सामान्य स्थिति में है. उसने दोबारा ऐसा कदम न उठाने का भरोसा दिया है.
सोशल मीडिया कई बार यह लोगों के मानसिक हालात का संकेत भी देता है. पुलिस की सक्रियता और तकनीकी सतर्कता किसी बड़ी घटना को होने से पहले रोक सकती है. मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद जैसे मुद्दों को समय रहते सुलझाना बेहद जरूरी है.
आज के दौर में जहां लोग अपनी भावनाएं सोशल मीडिया पर खुलकर साझा करते हैं, वहां यह जरूरी हो जाता है कि ऐसे संकेतों को गंभीरता से लिया जाए. इस मामले में पुलिस ने जिस तेजी और संवेदनशीलता से काम किया, उसकी तारीफ हो रही है.