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झुग्गियों में CCTV, 55 संदिग्ध फरार... जांच में नहीं मिले थे दस्तावेज, लखनऊ में अवैध बांग्लादेशी नेक्सस का खुलासा

लखनऊ में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़े नेक्सस का खुलासा हुआ है. 55 ऐसे लोग गायब मिले, जो पहले एनआरसी से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए थे. झुग्गी-बस्तियों में सीसीटीवी, बिजली मीटर और वाटर सप्लाई भी हो रही थी.

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लखनऊ में घुसपैठियों को लेकर अभियान जारी. (Photo: Screengrab)
लखनऊ में घुसपैठियों को लेकर अभियान जारी. (Photo: Screengrab)

यूपी के लखनऊ में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर एक बड़े नेक्सस का भंडाफोड़ हुआ है. चिनहट इलाके की अवैध बस्तियों में पुलिस और प्रशासन की पड़ताल के बाद हड़कंप मच गया. हाल ही में जब पुलिस की टीम दोबारा जांच के लिए मौके पर पहुंची, तो वहां रह रहे 55 लोग गायब मिले. ये वही लोग हैं, जो पिछली जांच के दौरान एनआरसी से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा पाए थे.

पुलिस के मुताबिक, चिनहट क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ियों और कूड़े के ढेरों के बीच अवैध रूप से बसी बस्तियों में संदिग्ध गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं. जांच के दौरान यहां महंगे सीसीटीवी कैमरे लगे मिले, जो पूरी बस्ती पर नजर रख रहे थे. झुग्गियों के बीच बिजली के तार बिछे हुए थे और कई स्थानों पर बिजली विभाग के प्रीपेड मीटर भी लगे पाए गए. बोरिंग के जरिए पानी की नियमित सप्लाई की व्यवस्था भी यहां थी.

Lucknow Illegal Bangladeshi Nexus Exposed 55 Suspects Flee Police Probe

पूर्व डीजी सूर्य कुमार ने इस तरह से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है. वह खुद पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे.

आजतक ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की. वहां कूड़े के बड़े बड़े ढेर मिले. पूर्व डीजी ने कहा कि यह एक बड़ा nexus है और इसका करोड़ों का धंधा है, जिसमें अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों का इस्तेमाल होता है. इतना ही नहीं, मौके पर सीसीटीवी कैमरा भी लगे मिले, जो कूड़े की बस्ती और झुग्गियों के बीच लगे हैं. बिजली के तार भी बिछे हैं.

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यह भी पढ़ें: केंद्र ने NIA को सौंपी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ मामले की जांच, पूरे सिंडिकेट और मनी ट्रेल की होगी पड़ताल

थोड़ा आगे बढ़ने पर आजतक को अवैध बस्ती में बोरिंग के जरिए पानी सप्लाई और बिजली के प्रीपेड मीटर भी दिखाई पड़े. सवाल उन विभागों से भी है कि आखिर जब यह अवैध बस्तियां हैं तो किस आधार पर यहां बोरिंग का पानी और प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं.

चिनहट के चौकी इंचार्ज मोहित कुमार ने कहा कि पिछली बार जब हम यहां आए थे तो इन लोगों ने असम के आधार के साथ एनआरसी के कागज दिखाए थे, कुछ लोग नहीं दिखा पाए थे. जो लोग दस्तावेज नहीं दिखा पाए थे, उनमें से 55 लोग यहां से भाग गए हैं. इस पूरे मामले में जांच जारी है. उच्च अधिकारी जैसा भी निर्देश करेंगे, उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी.

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