UP News: लखनऊ में गिरफ्तार किए गए आईएसआईएस संदिग्ध हारिश अली से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. उत्तर प्रदेश एटीएस ने हारिश अली से करीब 6 घंटे तक गहन पूछताछ की, जिसमें टेरर फंडिंग और ऑनलाइन नेटवर्किंग से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. एटीएस ने उसे 5 दिन की पुलिस कस्टडी में लेकर यह पूछताछ की है.
जांच में सामने आया है कि हारिश अली सोशल मीडिया के जरिए आईएसआईएस की विचारधारा को बढ़ाने में लगा था. उसने दो अलग-अलग ऑनलाइन ग्रुप बनाए थे, जिनके जरिए वह युवाओं को जोड़कर कट्टरपंथ फैला रहा था. इन ग्रुप्स में आईएसआईएस से जुड़े वीडियो, भाषण और प्रचार सामग्री शेयर की जाती थी. एटीएस के मुताबिक, हारिश अली अब तक 50 से अधिक युवाओं को इस नेटवर्क से जोड़ चुका था.
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पूछताछ में यह भी सामने आया है कि हारिश अली टेरर फंडिंग में भी शामिल था. वह सीधे अपने बैंक खाते का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि बेनामी और फर्जी खातों के जरिए पैसे का लेन-देन करता था. जांच एजेंसियों को पता चला है कि क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से फंडिंग की जा रही थी, जिससे लेन-देन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है. अब एटीएस इन खातों में आए पैसों के सोर्स और उनके इस्तेमाल की जांच कर रही है.
यह भी पता चला है कि हारिश अली NEET की तैयारी के दौरान आईएसआईएस के हैंडलर के संपर्क में आया था. धीरे-धीरे वह संगठन की विचारधारा से प्रभावित हुआ और उसी दिशा में एक्टिव होकर काम करने लगा. वह सोशल मीडिया पर शरीयत लागू करने की बात करता था और युवाओं को जोड़ने की कोशिश करता था.
एटीएस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर कई अन्य संदिग्ध भी जांच के दायरे में आए हैं. एजेंसी अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो हारिश अली के संपर्क में थे या उसके नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं. फिलहाल एटीएस हारिश अली से उसके डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों और संपर्कों को लेकर और गहराई से पूछताछ कर रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.