यूपी के सुल्तानपुर में रविवार को जमीन विवाद को लेकर दबंगों ने एक डॉक्टर की पीट-पीटकर हत्या कर दी. अब यह मामला तूल पकड़ा जा रहा है. पोस्टमार्टम होने के बाद मृतक डॉक्टर घनश्याम तिवारी का शव उनके पैतृक गांव लंभुआ सखौली कला पहुंचा जहां परिजन और ग्रामीण काफी आक्रोशित नजर आए. परिजनों ने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं ने जमीन विवाद को लेकर पैसों की लेन-देन में उनकी हत्या कर दी.
डॉक्टर की हत्या पर क्या बोले डीएम और एसपी?
जिले के एसपी और डीएम ने संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित कर इस हत्याकांड की जानकारी दी. जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि डॉक्टर की हत्या के आरोपी और उनके रिश्तेदारों सहित जाननेवालों की संपत्तियों का ब्यौरा लिया जा रहा है और भूमाफियाओं की लिस्टिंग भी की जा रही है.
दोनों अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसपी सोमेन बर्मा ने कहा कि हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है और जल्द ही आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा. हत्या का आरोप बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के भतीजे पर लगा है.
पुलिस के मुताबिक, लंभुआ इलाके में रहने वाले डॉ. घनश्याम तिवारी जयसिंहपुर स्थित जासपारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात थे. वर्तमान में शास्त्री नगर मोहल्ले में रहते थे. शनिवार शाम वो घर से किसी कार्य के लिए बाहर गए थे. देर शाम उनकी पत्नी घर के बाहर खड़ी थी. इसी दौरान एक ऑटो वाला घर पहुंचा और घनश्याम को घायल अवस्था में घर के सामने छोड़ कर फरार हो गया.
किस वजह से हुई हत्या
डॉ घनश्याम त्रिपाठी की पत्नी निशा के अनुसार, उनके पति ने शहर के शास्त्रीनगर में सरस्वती विद्या मंदिर के पीछे दो बिस्वा जमीन अजय नारायण सिंह नाम के शख्स से 25 लाख रुपये प्रति बिस्वा की कीमत पर खरीदी थी. 50 लाख रुपये उन्हें पेमेंट भी कर दिया था. इसके बाद भी मेरे पति को कब्जा नहीं दिया जा रहा था. मृतक डॉक्टर की पत्नी के मुताबिक जमीन पर कब्जा देने के लिए और पैसों की मांग हो रही थी.
इसके बाद उन्होंने एक लाख रुपये और दिए. निशा ने बताया कि इसके बाद भी जमीन के लिए पैसों की मांग होती रही जिसके बाद विवाद होने पर मेरे पति को मार डाला गया.
बताया जा रहा है कि वहां भूमाफिया जमीन का सस्ता भाव बताकर ग्राहकों को फंसाते हैं और फिर उनसे एडवांस में पैसे लेकर कब्जा दिलाने के लिए बाद में और पैसों की मांग करते हैं.
वहीं इस सनसनीखेज हत्या को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मृतक डॉक्टर घनश्याम तिवारी के परिजनों से भी मुलाकात कर सकते हैं.
इस मामले में जब जयसिंहपुर के पूर्व विधायक अरुण वर्मा से बात की गई तो उन्होंने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गयी हैं. गुंडों-माफियाओं में कानून का डर नहीं है.