लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी केजीएमयू में सामने आए अवैध धर्मांतरण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले के मुख्य आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और वह पिछले 16 दिनों से फरार चल रहा था.
पुलिस के अनुसार आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही लखनऊ की चौक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लंबे समय से तलाश में जुटी थी.
16 दिनों से फरार चल रहा था डॉक्टर रमीज मलिक
इस मामले में पुलिस ने आरोपी रमीज के 70 वर्षीय पिता सलीमुद्दीन और 67 वर्षीय माता खतीजा को भी गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि आरोपी के पिता सलीमुद्दीन ने दो शादियां की हैं. पुलिस पहले ही आरोपी रमीज के लखनऊ और पीलीभीत स्थित घरों की कुर्की की कार्रवाई कर चुकी है.
मामले की शुरुआत बीते साल सितंबर महीने में हुई थी. महिला रेजीडेंट डॉक्टर को यह जानकारी मिली थी कि डॉक्टर रमीज पहले से ही शादीशुदा है. इसके बाद पीड़िता का आरोप है कि डॉक्टर रमीज ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया. मामला उजागर होने के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था.
दिसंबर 2025 में केजीएमयू की एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि एक रेजीडेंट डॉक्टर उस पर धर्मांतरण का दबाव बना रहा है. पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और केजीएमयू से एमडी कर रही है.
माता-पिता को पहले ही पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार
पीड़िता के पिता ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और महिला आयोग में की थी. शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए. अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है.