नोएडा के डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी, कानपुर के करौली आश्रम में पहुंचकर संतोष भदौरिया उर्फ करौली शंकर बाबा का रूप देखने गए थे. वहां उन्हें वो सूरत दिखाई दी जिसे शायद वो ताउम्र न भूल सकें. कानपुर के करौली आश्रम में डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी के साथ जो कुछ भी हुआ, उसके बाद तो कानून के सिपाहियों की एंट्री होनी ही थी... सो हो गई.
नोएडा के डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी ने चमत्कार वाले दावे पर सवाल किए तो उनसे मारपीट हो गई. मामला पुलिस तक पहुंचा. बुधवार की रात पुलिस आश्रम भी पहुंची ताकि बाबा से सवाल जवाब हो जाएं, लेकिन बाबा के आश्रम में तो फिलहाल बाबा की ही चलनी थी... सो चली भी... पुलिस बाबा का बयान नहीं ले पाई और बेरंग ही वापस लौटना पड़ा.
पुलिस को नहीं मिला सीसीटीवी फुटेज
दुनिया भर को एक जप से ठीक करने का दावा करने वाले बाबा संतोष भदौरिया ने जब कानून के सिपाहियों को सामने देखा तो मुंह बंद कर लिया. पुलिस ने बाकायदा आश्रम का मुआयना भी किया. वहां पुलिस को सीसीटीवी तो लगे दिखे, लेकिन किसी भी सूरत में वो फुटेज पुलिस नहीं हासिल कर सकी, जिनकी बुनियाद पर बाबा के खिलाफ कायदे से एक्शन लिया जा सके.
पुलिस बोली- आश्रम लिखित में दे कि नहीं है फुटेज
आश्रम के आईटी हेड से पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी मांगे, लेकिन लेकिन नही मिल पाए. पुलिस का कहना है कि आश्रम लिखित में दे कि सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग नहीं है. इस बीच डॉक्टर के पिता का दावा है कि बाबा के निर्देश पर ही दरबार में मौजूद बाउंसर डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी को किनारे ले जाते हैं, मुंह-नाक तोड़ देने जितनी मारपीट करते हैं.
क्या बाबा के कहने पर हुई पिटाई?
अब सवाल उठता है कि क्या ये सब बाबा के कहने पर हुआ था? आजतक से खास बातचीत में बाबा संतोष भदौरिया कहते हैं कि ये दरबार है, दरबार का हमको प्रोटेक्शन है, कोई हरकत करेगा तो दरबार छोड़ता है, क्या...कोई गलतफहमी में ना रहे. फिर बाबा अपने भक्तों की ओर देखते हुए बोलते हैं, 'लगता है कि छोड़ेगे ये....हां या ना बोलिए....हां या ना में जवाब दीजिए... भक्तों का सैलाब देखो.'
क्या है आश्रम की सच्चाई?
इसी बीच कानपुर के पुलिस अफसरों का मानना है कि बाबा करौली शंकर के खिलाफ पुलिस अपना काम करेगी लेकिन कानून के दायरे में रह करके. ऐसे में अब सवाल उठता है कि करौली आश्रम का असली सच क्या है? 14 एकड़ में फैला यह आश्रम अपने आप में शहर है. यहां हर दिन 3500 से 5000 तक लोग आते हैं. अमावस्या वाले दिन तादाद 20 हजार तक पहुंचती है.
21 हजार रुपये में होती है आरोग्य हवन
करौली आश्रम में चौबीसों घंटे हवन करने के लिए हवन किट मिलती है. आश्रम में पहले 100 रुपए में रजिस्ट्रेशन होता है. 100 रुपए बंधन का चार्ज लगता है. बंधन हर तीन महीने में रिन्यू होता है. बाबा संतोष सिंह भदौरिया से बात करने के लिए 5100 रुपए का टोकन होता है. काला जादू से भी छुटकारा पाने के लिए 2100 रुपये की फीस होती है. आरोग्य हवन के लिए 21 हजार रुपए लगते हैं. विशेष पूजा सवा लाख रुपये की होती है.
करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया ने तीन साल में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया. आश्रम के लोग बताते हैं कि 17 देशों में बाबा के भक्त हैं. पैसे-रुपए का लेन-देन बाबा के बेटे लव और कुश मैनेज करते हैं. आश्रम में चारों तरफ गनर खड़े रहते हैं. आश्रम में जैमर लगने होने की खबर है. यानी तीन सालों में बाबा ने एक ऐसा साम्राज्य खड़ा कर लिया है, जहां सारी सुख-सुविधा के साथ भक्तों का इतना तगड़ा रेला है.