यूपी के कानपुर में एक आईपीएस और एक सिपाही के बीच मारपीट और मुर्गा बनाने का मामला सुर्खियों में है. आईपीएस पर सिपाही द्वारा मारपीट के आरोप लगाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है. साथ ही इस मामले में राजनीतिक दलों की भी एंट्री हो गई है.
गौरतबल है कि कानपुर के महाराजपुर थाने में सिपाही पद्माकर द्विवेदी ने अपने ही एडीसीपी आकाश पटेल (आईपीएस) पर आरोप लगाया था कि आकाश पटेल ने 19 तारीख को अपने रूम में बुलाकर मुर्गा बनाया. साथ ही मारपीट की, जिससे उसे काफी चोटें आई हैं.
युवक की लोगों ने पीटकर हत्या कर दी थी
पद्माकर द्विवेदी ने बताया, 'महाराजपुर में एक युवक की लोगों ने पीटकर हत्या कर दी थी. इस मामले में एडीसीपी के सामने एक वीडियो आरोपित लोगों की तरफ से बनाया था. इसमें हत्या में शामिल एक युवक ने आरोप लगाया था कि मैंने हत्या करने वालों को गलत ढंग से समझाया था.
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा था- सिपाही
सिपाही का कहना है, मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा था. पुलिस ने पहले ही धारा-304 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी थी. सिपाही का आरोप है, आईपीएस की पिटाई से मैं मानसिक प्रताड़ित हूं. मेरे शरीर में कई जगह चोट लगी है. मुझे महाराजपुर थाने से ट्रांसफर करके नर्वल भेज दिया गया है.
'कमिश्नर साहब को पूरी जानकारी दी थी'
सिपाही का कहना है कि उसने कमिश्नर साहब के सामने पेश होकर पूरी जानकारी दी थी. हालांकि लिखित में नहीं दी थी. इस मामले में सोशल मीडिया और मीडिया में खबरें छपने के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर की तरफ से पूरे मामले की जांच कानपुर के डीसीपी ईस्ट शिवाजी शुक्ला को दी गई है.
मामले में राजनीतिक दलों की एंट्री
डीसीपी का कहना है कि सिपाही और एडीसीपी के बीच विवाद के मामले की जांच हमको दी गई है. जांच करके रिपोर्ट अधिकारियों को देंगे. उधर, इस मामले में राजनीतिक दलों की भी एंट्री हो गई. आजाद अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर अपने कार्यकर्ताओं के साथ महाराजपुर थाने पहुंचे.
थाने में सिपाही पद्माकर पहले पोस्ट था. अमिताभ ने थानेदार से पूरी जानकारी ली. इसके बाद दावा किया कि उन्होंने आरोपी के घेरे में आए आईपीएस आशीष पटेल से भी बात की है. उनका कहना है कि सिपाही ने जिस तरह के आरोप लगाए हैं, प्रथम दृष्ट्या उसमें सच्चाई लगती है. सिपाही और आईपीएस दोनों के अपने-अपने आरोप और दावे हैं. इस मामले में पूरी जांच होनी चाहिए, जो भी दोषी हो, उसे सजा मिलनी चाहिए.
पुलिस कमिश्नर आर. के. स्वर्णकार ने मामले की जांच के चलते आईपीएस एडीसीपी आकाश पटेल को ईस्ट सर्किल से वेस्ट सर्किल में ट्रांसफर कर दिया है. इस मामले में आईपीएस आकाश पटेल से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर कॉल रिसीव नहीं हुई.