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'काहे का डर...' गुजरात में खुद की हत्या होने की बात करने वाले अतीक के यूपी में घुसते ही बदले सुर

अतीक को लेकर अहमदाबाद के साबरमती जेल से गाड़ी निकली है. प्रयागराज पहुंचने में करीब 24 घंटे का वक्त लगेगा. सफर लंबा है. अतीक को जब साबरमती जेल से बाहर निकाला गया तो उसने कहा था कि मुझे मारा जा सकता है, लेकिन यूपी पहुंचते ही अतीक के सुर बदल गए हैं. अब अतीक बोल रहा है कि काहे का डर.

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साबरमती जेल से अतीक अहमद को प्रयागराज लाया जा रहा है (फोटो-PTI)
साबरमती जेल से अतीक अहमद को प्रयागराज लाया जा रहा है (फोटो-PTI)

आखिरकार माफिया डॉन अतीक अहमद की एंट्री यूपी में हो गई. थोड़ी देर पहले यूपी पुलिस अतीक को लेकर प्रदेश की सीमा में दाखिल हो गई है. अतीक को झांसी शहर के रास्ते ले जाया जा रहा है. यूपी पहुंचते ही अतीक अहमद थोड़ा बेफ्रिक हो गया है और जब मीडिया ने उससे डर को लेकर सवाल किया तो अतीक ने दो टूक कहा- काहे का डर.

थोड़ी देर के लिए का काफिला झांसी पुलिस लाइन में रूका. अतीक के पुलिस लाइन में रूकने से परिवार डर गया. गुजरात से काफिले के पीछे-पीछे आ रही अतीक की बहन ने एनकाउंटर का डर जताया. अतीक को लेकर यूपी पुलिस तेजी से प्रयागराज की ओर बढ़ रही है. शाम तक प्रयागराज पहुंचने की उम्मीद है.

आज रात अतीक को नैली जेल में रखा जाएगा. कल प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी होगी. उमेश पाल किडनैपिंग केस में कल प्रयागराज कोर्ट में अतीक की पेशी है. अतीक के भाई अशरफ को भी बरेली कोर्ट से प्रयागराज लाया जा रहा है. उधर अशरफ ने भी अपनी जान को खतरा बताया है. 2007 के केस में अतीक अहमद मुख्य आरोपी है. यहां देखिए वीडियो-

यूपी पुलिस के साबरमती जेल पहुंचते ही डरा अतीक

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जैसे ही अतीक को पता चला कि यूपी पुलिस साबरमती जेल पहुंची है और  सड़क के रास्ते उसे प्रयागराज लेकर जाने वाली है. उसके पसीने छूट गए. अतीक को योगी की वो चेतावनी याद आई कि गाड़ी कभी भी पलट सकता है. हादसा कभी भी हो सकता है. उसने देखा है कि कैसे विकास दुबे की गाड़ी पलटी और फिर सब कुछ खत्म हो गया.

अतीक ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी याचिका

शायद तभी अतीक अहमद ने उमेश पाल हत्याकांड में नाम आने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और गुजरात से बाहर नहीं भेजने की गुहार लगाई. अतीक ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका लगाई उसमें कहा कि यूपी सरकार के कुछ मंत्रियों के बयान से ऐसा लगता है कि उसका फर्जी एनकाउंटर किया जा सकता है.

अतीक अहमद ने याचिका में कहा कि उसे यूपी नहीं लाया जाए और मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हो और अगर यूपी लाया भी जाए तो सेंट्रल फोर्स की सुरक्षा में. अगर पुलिस कस्टडी में रखकर ही पूछताछ करनी है तो गुजरात में ही कोर्ट परिसर के आसपास गुजरात पुलिस की निगरानी में ही किया जाए.

अतीक बोला- कोर्ट के कंधे पर रखकर मारना चाह रहे हैं

अतीक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 28 मार्च को सुनवाई होनी है, लेकिन उससे पहले ही यूपी पुलिस की टीम उसे साबरमती जेल से लेकर निकल चुकी है. जेल से निकलते वक्त अतीक ने एक बार फिर अपनी जान का खतरा बताया था. दरअसल, अतीक को बैठाने के लिए पुलिस की गाड़ी गेट पर ही लगाई गई. 

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जेल से बाहर आते समय तक भी अतीक चारों तरफ पुलिस से घिरा हुआ था. उसे गाड़ी में बैठाने के लिए गेट से बाहर की तरफ लाया गया. लेकिन गाड़ी में बैठने से पहले अतीक ने एक बार फिर अपनी जान का खतरा बताया. इस बार अतीक का वकील नहीं बल्कि खुद अतीक कैमरे पर बोल रहा था. यहां उसने कहा, 'कोर्ट के कंधे पर रखकर मारना चाह रहे हैं.'

अतीक को क्यों लाया जा रहा है प्रयागराज?

गौरतलब है अतीक अहमद राजू पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी है. उमेश पाल हत्याकांड का भी मास्टरमाइंड है और 2006 में उमेश पाल के अपहरण का भी आरोपी है. उमेश पाल अपहरण कांड में 28 मार्च को फैसला आना है. इस मामले में मुख्य आरोपी अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ है. इसलिए ही अतीक और उसके भाई को प्रयागराज लाया जा रहा है. अतीक का भाई और पूर्व विधायक अशरफ बरेली जेल में बंद है.

 

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