'शादी के बाद जब मैं ससुराल गई तो आधी रात के बाद घर में तंत्र-मंत्र की पूजा शुरू की गई. सास ने कहा कि इसी पूजा से घर में संपत्ति आई है और इसमें शामिल होना होगा. इसके लिए सभी लोग कपड़े उतारकर बैठते हैं. मैंने मना किया तो पति और ससुर ने जबरदस्ती मेरे कपड़े उतार दिए. इसके बाद मुझे कमरे में बंद कर दिया गया, जहां मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुआ. फिर मुझे उसी हालत में पूजा में बैठाया गया. इस दौरान मेरे साथ मारपीट भी की गई. बाद में मुझ पर दो करोड़ रुपये और एक किलो सोना लाने का दबाव बनाया गया.'
कानपुर की एक लड़की ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में ये गंभीर आरोप लगाए हैं. तंत्र-मंत्र के नाम पर प्रताड़ना, जबरदस्ती और दहेज की मांग से जुड़ा यह मामला अब पुलिस जांच में है. महिला थाने में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने ससुराल पक्ष के कई लोगों को आरोपी बनाया है. कानपुर के सचेंडी इलाके के एक संपन्न परिवार की बेटी की शादी 6 मार्च 2024 को पांडु नगर निवासी मिश्रा परिवार में हुई थी. परिवार के अनुसार, शादी काफी धूमधाम से हुई और इसमें करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए. पीड़िता का कहना है कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद ससुराल का माहौल बदलने लगा. घर में रात के समय पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधियां शुरू होती थीं, जिनमें उसे भी शामिल होने के लिए कहा जाता था.
आधी रात की पूजा और नियम
पीड़िता के अनुसार, पहली बार उसे आधी रात के बाद उठाकर पूजा में शामिल होने के लिए कहा गया. उसने बताया कि उसकी सास ने कहा कि परिवार की संपत्ति और व्यापार की तरक्की इसी तरह की पूजा से हुई है. ऐसे ही करोड़पति बने हैं, सास खुद को कोलकाता से जुड़ा बताती थीं और कहती थीं कि वहां भी वह नियमित रूप से तंत्र-मंत्र की पूजा में जाती रही हैं. पीड़िता का आरोप है कि पूजा में शामिल होने के लिए उसे ऐसे नियम बताए गए, जिन्हें वह स्वीकार नहीं कर सकी. उसने इसका विरोध किया और साफ कहा कि उसके परिवार में इस तरह की परंपरा नहीं है.
विरोध के बाद बढ़ा दबाव
पीड़िता ने बताया कि जब उसने इन गतिविधियों में शामिल होने से मना किया तो उस पर दबाव बढ़ा दिया गया. उसका कहना है कि उसे समझाने के बजाय जबरदस्ती की गई. उसने आरोप लगाया कि पति और ससुर ने उसके साथ जबरदस्ती की और उसे मजबूर किया गया. उसने यह भी कहा कि उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया.
मारपीट के आरोप
पीड़िता के मुताबिक, इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई. उसने बताया कि विरोध करने पर उसे चप्पलों से मारा गया और कहा गया कि उसके ऊपर कोई प्रभाव है, जिसे ठीक करना जरूरी है. पीड़िता का कहना है कि इन घटनाओं का उस पर मानसिक असर पड़ा और वह लंबे समय तक सामान्य नहीं हो पाई. पीड़िता का आरोप है कि यह सब एक बार की घटना नहीं थी. उसने बताया कि घर में नियमित रूप से इसी तरह की पूजा होती थी और हर बार उसे उसमें शामिल होने के लिए कहा जाता था. उसका कहना है कि जब भी वह मना करती, उसे डांटा जाता और दबाव बनाया जाता.
पति ने भी साथ नहीं दिया
पीड़िता ने अपने पति पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उसका कहना है कि जब उसने पति से मदद मांगी, तो उन्होंने उसका साथ नहीं दिया. पीड़िता के अनुसार, पति हमेशा अपने माता-पिता की बात मानते थे और उसे भी वही करने के लिए कहते थे. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने शादी के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी. उसने कहा कि उससे दो करोड़ रुपये और एक किलो सोना लाने के लिए कहा गया. पीड़िता के मुताबिक, उसके पिता पहले ही शादी में बड़ी रकम खर्च कर चुके थे और इस तरह की मांग पूरी करना संभव नहीं था.
मायके लौटने का लिया फैसला
लगातार हो रही घटनाओं से परेशान होकर पीड़िता ने आखिरकार ससुराल छोड़ने का फैसला किया. जनवरी 2025 में वह अपने मायके लौट आई और अपने परिवार को पूरी बात बताई. परिजनों ने उसके बयान के आधार पर पुलिस से संपर्क किया और कार्रवाई की मांग की. पीड़िता का कहना है कि शिकायत के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं हुई. उसने आरोप लगाया कि कई महीनों तक समझौते की कोशिश की गई और दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया जाता रहा. हालांकि, समझौता नहीं हो सका और आखिरकार पुलिस ने मामला दर्ज किया.
एफआईआर में किन्हें बनाया गया आरोपी
महिला थाने में दर्ज रिपोर्ट में पति, सास, ससुर, देवर और परिवार के अन्य सदस्यों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले में एसीपी आशुतोष सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी.
ससुराल पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया
इस मामले में ससुराल पक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका. परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे और उनकी दुकान भी बंद थी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है.