उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 'खूनी हाईवे' के नाम से मशहूर नेशनल हाईवे 34 एक बार फिर भीषण सड़क हादसे का गवाह बना. कार और ट्रक की टक्कर में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल है. यह हादसा उस समय हुआ जब मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम से लौट रहे कानपुर निवासी कार सवार मौदहा कोतवाली क्षेत्र के छिरका गांव के पास दुर्घटना का शिकार हो गए.
बताया गया कि कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 34 पर दिन में करीब एक बजे वैगनआर कार ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी, तभी सामने से आ रहे डंपर से उसकी सीधी टक्कर हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और मौके पर ही चार लोगों की जान चली गई.
हादसे में मृतकों की पहचान 55 वर्षीय नरेंद्र कुमार, उनकी 52 वर्षीय पत्नी रेखा, 57 वर्षीय राजकपूर निवासी नवाबगंज कानपुर और कार चालक आयुष चौहान निवासी लखनऊ के रूप में हुई है. राजकपूर की पत्नी 54 वर्षीय मीना गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें सीएचसी मौदहा से जिला अस्पताल रेफर किया गया है.
पुलिस मौके पर पहुंची, परिजनों को दी सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी अरविन्द कुमार वर्मा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने चारों शवों को सीएचसी पहुंचाया और मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी. हादसे के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है.
पुलिस के अनुसार मृतक सभी लोग मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम से लौट रहे थे और यात्रा के दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया. घायल महिला की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है.
‘खूनी हाईवे’ पर फिर उठे सुरक्षा सवाल
एएसपी ने बताया कि कानपुर से सागर जाने वाले इस हाईवे पर हमीरपुर और महोबा जिलों से हर दिन हजारों ट्रक गिट्टी और मोरम लादकर गुजरते हैं. इस मार्ग पर डिवाइडर न होने के कारण अक्सर गंभीर सड़क हादसे होते रहते हैं.
उन्होंने कहा कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद डिवाइडर न होना बड़ी समस्या है. चार लोगों की मौत ने एक बार फिर इस हाईवे को ‘खूनी हाईवे’ साबित कर दिया है और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.