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UP: हैदरगढ़ के पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित का निधन, सीढ़ी से फिसल गया था पैर

हैदरगढ़ विधानसभा सीट से पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया. वे हैदरगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार चुने गए थे. अपने घर में ही सीढ़ी से गिरने के कारण 80 साल के सुंदरलाल दीक्षित के सिर पर गंभीर चोट लग गई थी. उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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सुंदरलाला दीक्षित (फोटो- ट्विटर)
सुंदरलाला दीक्षित (फोटो- ट्विटर)

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ विधानसभा सीट से पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया. बताया जा रहा है कि 80 साल के सुंदरलाल अपने घर में ही सीढ़ी से गिर गए थे. परिवार के सूत्रों ने रविवार को बताया कि गिरने के दौरान बुजुर्ग पूर्व विधायक के सिर पर गंभीर चोट लगी. उन्हें लखनऊ के लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

बता दें कि दीक्षित हैदरगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार चुने गए थे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित अन्य ने भाजपा के वरिष्ठ नेता के निधन पर शोक व्यक्त किया.

अटल बिहारी वाजपेयी

भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत काफी लंबी समय से खराब थी, 16 अगस्त, 2018 को उनका निधन हो गया था. 2004 में राजनीति से संन्यास लेने वाले अटल बिहारी वाजपेयी को 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. 25 दिसंबर 1924 को जन्में वाजपेयी बीजेपी के संस्थापकों में शामिल थे और 3 बार भारत के प्रधानमंत्री बने. हालांकि, वह एक बार ही 5 साल का कार्यकाल पूरा कर सके. वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया.

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मनोहर पर्रिकर

पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में लोगों के दिलों पर राज करने वाले भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर 17 मार्च, 2019 को दुनिया छोड़कर चले गए थे. वह लंबे समय से अग्नाशय के कैंसरे से पीड़ित थे. पर्रिकर चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे. 2014 में एनडीए सरकार में मनोहर पर्रिकर ने देश के रक्षा मंत्री की भूमिका निभाई. साल 2000-05 में पहली बार सीएम बने. जब 2014 में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी तो पीएम मोदी ने उन्हें दिल्ली बुलाया, उन्हें सबसे महत्वपूर्ण रक्षा मंत्री का पदभार सम्भाला. रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्हें संसद सदस्य बनना जरुरी था और इसके लिए वह यूपी से राज्यसभा सांसद बने. उनके रक्षा मंत्री रहते हुए ही भारत ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी.

सुषमा स्वराज

पूर्व विदेश मंत्री, प्रखर वक्ता और भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने 6 अगस्त 2019 को दुनिया को अलविदा कह दिया था. वह 67 साल की थीं. साल 2014 से 2019 तक भारत की विदेश मंत्री रहीं सुषमा ने दुनिया भर के देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए काफी योगदान दिया. जुलाई 1977 में मुख्यमंत्री देवी लाल की सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया.वह पहली सबसे युवा कैबिनेट मंत्री रहीं. 1987 से 1990 तक वह हरियाणा की शिक्षा मंत्री भी रहीं. साल 1990 में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री की. 1996 में दक्षिणी दिल्ली से सांसद चुनी गईं. लेकिन 1998 में वह दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं लेकिन बाद में बीजेपी चुनाव हार गईं और सुषमा ने वापस राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री की थी. हालांकि, पूर्व विदेश मंत्री ने स्वास्थ्य कारणों से पिछला लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था.

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