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फतेहपुर में टीला ढहने से तीन चरवाहों की दर्दनाक मौत, यमुना किनारे हुआ हादसा

फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. मंगलवार को यमुना नदी के किनारे जंगल में भैंस चरा रहे तीन चरवाहे मिट्टी के टीले के अचानक ढहने से उसके मलबे में दब गए, जिससे मौके पर ही तीनों की मौत हो गई. हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है.

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फतेहपुर में टीला ढहने से तीन चरवाहों की दर्दनाक मौत
फतेहपुर में टीला ढहने से तीन चरवाहों की दर्दनाक मौत

फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. मंगलवार को यमुना नदी के किनारे जंगल में भैंस चरा रहे तीन चरवाहे मिट्टी के टीले के अचानक ढहने से उसके मलबे में दब गए, जिससे मौके पर ही तीनों की मौत हो गई. हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है.

घटना थाना क्षेत्र के रायपुर भसरौल गांव की है, जहां रोजाना की तरह तीन चरवाहे, 45 वर्षीय रमेश धोबी (निवासी मड़ौली), 55 वर्षीय दुलारे पासी और 55 वर्षीय शिवमोहन यादव (दोनों निवासी चंदवाइन डेरा) अपने पशुओं को चराने यमुना नदी किनारे गए थे. बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई बारिश के चलते मिट्टी में नमी आ गई थी. इसी वजह से नदी किनारे का एक बड़ा टीला अचानक भरभराकर ढह गया और तीनों चरवाहे उसके नीचे दब गए.

स्थानीय ग्रामीणों ने हादसे की सूचना तुरंत पुलिस को दी. सूचना मिलते ही किशनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मिट्टी खुदवाकर तीनों शवों को बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी.

घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में मातम पसरा हुआ है. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

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प्रशासन की अपील
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे चराई के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की है, खासतौर पर बारिश के मौसम में, जब मिट्टी ढीली और खतरनाक हो जाती है. ग्रामीणों से कहा गया है कि वे ऐसे इलाकों में न जाएं जहां भूस्खलन का खतरा बना हो.

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