'मैं IAS हूं… मणिपुर कैडर…' यही वह झूठ था, जिसने गोरखपुर के एक पूरे परिवार को भरोसे में ले लिया. लेकिन अब जब आरोपी प्रीतम निषाद पुलिस की गिरफ्त में है, तो पूछताछ में एक-एक परत खुल रही है. गोरखपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कभी UPSC की परीक्षा पास ही नहीं किया. इसके बावजूद वह खुद को IAS बताकर लोगों को प्रभावित करता रहा और इसी झूठ के सहारे उसने एक शादी तक रचा डाली.
पूछताछ में क्या-क्या कबूला
पुलिस के मुताबिक, प्रीतम निषाद उर्फ अर्जुन सिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह बीएससी तक पढ़ा है और कभी सिविल सेवा परीक्षा में सफल नहीं हुआ. इसके बावजूद उसने सोशल मीडिया, फोटो और वीडियो का सहारा लेकर खुद की ऐसी छवि बनाई, जैसे वह एक उच्च पदस्थ अधिकारी हो. एसपी सिटी निमिष पाटिल के अनुसार, आरोपी ने यह भी कबूल किया है कि उसने पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी की कोशिशें की थीं. पूछताछ में दो महिलाओं से शादी करने की बात भी सामने आई है. पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक शादी का मामला नहीं, बल्कि एक पैटर्न हो सकता है जहां आरोपी खुद को बड़ा अफसर बताकर रिश्ते और पैसे दोनों हासिल करने की कोशिश करता था.
YouTube से ‘IAS’ बनने का आइडिया
पूछताछ का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपी ने कबूल किया कि उसने YouTube और इंटरनेट से ‘आईएएस लाइफस्टाइल’ देखी. वहीं से उसे यह समझ आया कि एक अफसर की छवि कैसी होती है कैसे बात करनी है, कैसे फोटो खिंचवानी है, और लोगों के सामने खुद को कैसे पेश करना है. यहीं से उसने अपना किरदार गढ़ना शुरू किया. फर्जी इंटरव्यू, नेताओं के साथ एडिटेड फोटो, ऑफिस जैसे दिखने वाले बैकग्राउंड सब कुछ तैयार किया गया, ताकि सामने वाले को शक न हो.
कैसे फंसाया गया परिवार
गोरखपुर के एक परिवार से संपर्क ‘निषाद विवाह ग्रुप’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए हुआ. रिश्ते की तलाश में जुटे परिवार को जब प्रीतम का बायोडाटा मिला, तो उसमें IAS अधिकारी होने का दावा था. शुरुआत में उसने खुद को बिना दहेज शादी करने वाला बताया. यही बात परिवार को भरोसे में लेने के लिए काफी थी. लेकिन सगाई के करीब आते-आते कहानी बदल गई. खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये मांगे गए. परिवार ने 10 लाख सगाई से पहले और 5 लाख शादी के समय दे दिए. 11 मार्च 2026 को गोरखपुर के नंदानगर स्थित एक मैरिज लॉन में धूमधाम से शादी हुई. परिवार ने करीब 30 लाख रुपये खर्च किए. लेकिन विदाई के बाद ही शक की पहली दरार पड़ी.
शादी में आए एक व्यक्ति ने बताया कि दूल्हा IAS नहीं है. परिवार तुरंत सक्रिय हुआ और बताए गए पते पर पहुंचा. वहां जो दिखा, उसने सारे भ्रम तोड़ दिए एक छोटे से कमरे में बेटी मौजूद थी, जबकि प्रीतम और उसका परिवार मौके से फरार हो चुका था.
गिरफ्तारी और आगे की जांच
मामले की शिकायत गोरखपुर के कैंट थाने में दर्ज की गई. पुलिस ने जांच शुरू की और आखिरकार आरोपी को जालौन से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि आरोपी अकेले काम करता था या इसके पीछे कोई गिरोह है इसकी जांच जारी है. शादी में शामिल लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और अब पुलिस यह भी खंगाल रही है कि कहीं अन्य राज्यों में भी इस तरह के मामले तो नहीं हुए.
सम्मान और पैसा बस यही था मकसद
एसपी सिटी के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने साफ कहा कि वह IAS बनना चाहता था, लेकिन जब वह सपना पूरा नहीं हुआ तो उसने झूठ का सहारा लिया. उसे लगा कि IAS बनकर उसे समाज में सम्मान और आर्थिक लाभ दोनों मिल सकते हैं. यही सोच धीरे-धीरे उसे अपराध की ओर ले गई. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि दुल्हन को गोवा ले जाकर बेचने की योजना बनाई जा रही थी. हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक पूछताछ में इस एंगल की पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल जांच जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर आगे बढ़ा जा रहा है.