भारत रत्न बाबा साहेब अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि स्वार्थी ताकतें अपने हितों के लिए बाबा साहेब के प्रकाश को हड़पने की कोशिश कर रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाने का काम कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों को दलितों, वंचितों, गरीबों और महिलाओं से हमेशा नफरत रही, वही आज उन्हें झुनझुना पकड़ाकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं.
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष ने हमेशा सामाजिक न्याय के पुरोधाओं का अपमान किया और उनके लिए रास्ते बंद किए. उन्होंने कहा कि जो लोग आज बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वही पहले दलितों और वंचितों के अधिकारों को दबाने का काम करते थे. इसके अलावा उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि बाबा साहेब और सदगुरु रविदास महाराज के नाम पर बने जिले का नाम बदलने का काम किसने किया. उन्होंने यह भी पूछा कि देश के बड़े चिकित्सा संस्थान केजीएमयू का नाम क्यों बदला गया. इसके साथ ही भाषा विश्वविद्यालय और कन्नौज के मेडिकल कॉलेज के नाम बदलने पर भी सवाल खड़े किए.
अंबेडकर जयंती पर सीएम योगी का विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि वही लोग थे जिन्होंने गरीबों और दलितों के हक पर डकैती डालने का काम किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने दलितों और वंचितों को मिलने वाले जमीन के पट्टों के अधिकार से भी उन्हें वंचित किया. उन्होंने कहा कि यह वही लोग हैं जो चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए और जिन्होंने कभी गरीबों और वंचितों की पीड़ा को समझने की कोशिश नहीं की.
दलितों और वंचितों के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय और दलितों के अधिकारों को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई. यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है और राजनीतिक दलों के बीच इसे लेकर बयानबाजी तेज हो गई है.