उत्तर प्रदेश के बागपत में गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र राष्ट्रीय पर्व पर नाबालिग बच्चों से मजहबी नारे लगवाने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक साहिल, उसके पिता रहमइलाही और एक अज्ञात युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
“नारा-ए-तकबीर, बोलने को कहा
यह कार्रवाई थाना चांदीनगर क्षेत्र के गौना गांव में 26 जनवरी को निकाले गए एक बिना अनुमति जुलूस को लेकर की गई है. जांच में सामने आया कि एक मुस्लिम शिक्षक ने गांव में पढ़ने वाले नाबालिग बच्चों को तिरंगा थमाकर परेड कराई और उनसे “नारा-ए-तकबीर, अल्लाह हू अकबर” के नारे लगवाए. जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया और पुलिस को शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की.
विहिप पदाधिकारी आकाश त्यागी ने कहा कि गौना गांव में नाबालिग बच्चों से मजहबी नारे लगवाए गए हैं, जो गंभीर मामला है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की.
वहीं जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता मनुपाल बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह की गतिविधि किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. यह गजवा-ए-हिंद जैसी मानसिकता को दर्शाती है और दोषियों पर और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए बागपत पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 और 299 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बिहार में लगे 'जिन्ना अमर रहे' के नारे
गौरतलब है कि बिहार के सुपौल जिले के किशनपुर प्रखंड स्थित अभुवार उच्च विद्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक विवादास्पद घटना सामने आई. ध्वजारोहण समारोह के दौरान विद्यालय में तैनात शिक्षक मोहम्मद मंसूर आलम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर “जिन्ना अमर रहें” का नारा लगाया. इस नारे के चलते समारोह हंगामा हो गया और शिक्षक, छात्र व अभिभावक सभी सकते में आ गए.
कुछ छात्रों ने घटना को रिकॉर्ड कर लिया, जबकि अन्य लोगों ने विरोध दर्ज कराया. विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तुरंत किशनपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई. प्रधानाध्यापक ने कहा कि इस तरह के कृत्य से न केवल छात्रों में अनुशासन की भावना प्रभावित होती है, बल्कि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को भी ठेस पहुँचती है.