उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा निर्णय किया है. सीएम ने आदेश जारी किए हैं कि हर जिले में एक महिला थाना होने के एक और महिला थाना अध्यक्ष होगी. हर थाना, सर्किल, रेंज, जोन सीधी निगरानी में रहेगें. गड़बड़ी पाए जाने पर थाना अध्यक्ष का पद भी जाएगा और सेवा समाप्त भी कर दी जाएगी.
सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी थानों, सर्किल, रेंज, जोन के साथ किया एक साथ संवाद किया. शारदीय नवरात्र से मिशन शक्ति का प्रारंभ होगा. अलग-अलग चरण में 'शक्ति दीदी' के साथ गांव-गांव में महिलाओं को सशक्त किया जाएगा. सीएम ने कहा है कि 14 अक्टूबर तक गौतमबुद्ध नगर सहित 17 नगर निगमों में सेफ सिटी की कार्रवाई पूरी की जाए.
दागी पुलिसकर्मियों को गलती से भी नहीं मिले थाने का प्रभार
आपराधिक घटनाओं की स्थिति और आईजीआरएस में प्रदर्शन के आधार पर थानों, सर्किल और पुलिस कप्तान/सीपी के प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने समीक्षा भी की. पुलिस कप्तानों/सीपी को मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा है कि दागी छवि वाले पुलिसकर्मियों को गलती से भी थाना या फिर सर्किल का प्रभार नहीं दिया जाए.
जनता का हित शीर्ष प्राथमिकता
सीएम का सभी थानेदारों को स्पष्ट संदेश है कि कोई भी माफिया क्यों ना हो उसके खिलाफ पूरी कठोरता से कार्रवाई की जाए. जनता का हित शीर्ष प्राथमिकता में होना चाहिए. पुलिस अपनी पेट्रोलिंग बढाएं, किसी घटना को छोटा नहीं समझा जाए. मामला सामने आने पर तुरंत एक्शन लिया जाए. वहीं, सीएम ने निर्देश जारी किए हैं कि निवेशकों और पर्यटकों की सुरक्षा-सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए.
महिला बीट सिपाही और ग्राम चौकीदारों से हर सप्ताह करें संवाद
जीआरपी के लिए भी सीएम योगी ने निर्देश जारी किए हैं. सीएम ने कहा है कि सीमावर्ती थानों में और जीआरपी महत्वपूर्ण विंग योग्य पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए. साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने थानेदारों से कहा है कि महिला बीट सिपाही और ग्राम चौकीदारों से हर सप्ताह संवाद करें. बाइक स्टंटबाजों, शोहदों और जातिसूचक चिन्ह अंकित गाड़ियों पर सख्त एक्शन लिया जाए.