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'अफसर दारू और बालू की वसूली में मस्त हैं' अपनी ही सरकार के अधिकारियों पर बरसे बीजेपी MLC

झांसी के बीजेपी एमएलसी ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, 'जब जनप्रतिनिधि का काम नहीं हो पाया तो आम आदमी का कैसे होगा? अफसर दारू और बालू की वसूली में मस्त हैं, जनता त्रस्त है. बगैर पैसे के कोई काम नहीं करते, जब तक मैं पैसा नही दूंगा तब तक मेरा काम नहीं करेंगे.'

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अफसरों पर भड़के बीजेपी एमएलसी बाबूलाल तिवारी
अफसरों पर भड़के बीजेपी एमएलसी बाबूलाल तिवारी

यूपी के बांदा में एक एमएलसी ने अपनी ही सरकार और अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. एमएलसी बाबूलाल तिवारी ने आरोप लगाया कि अफसर रेत माफियाओं से रिश्वत लेने में मस्त हैं और इधर जनता त्रस्त है. 

उन्होंने कहा, 'जब मुझे (एमएलसी) 4 सालों से दौड़ा रहे हैं तो आम जनता का भगवान ही मालिक है.' उन्होंने कहा कि जब तक यह पैसा नहीं ले लेंगे तब तक मेरा भी काम नहीं करेंगे. इस दौरान उन्होंने तहसील में SDM के चेंबर में कर्मचारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई. हालांकि इस दौरान कर्मचारी भी मौका देखकर धीरे से निकल गए और एमएलसी कुर्सी पर बैठे ही रह गए. उन्होंने कहा कि अब वह मामले को विधानपरिषद में उठाएंगे और शिकायत भी करेंगे.

एमएलसी करते रहे अफसर का इंतजार

दरअसल बाबूलाल तिवारी झांसी से बीजेपी के एमएलसी हैं, उनका नरैनी तहसील क्षेत्र में एक डिग्री कॉलेज है. बाबूलाल तिवारी ने उस कॉलेज की जमीन को दस्तावेजों में अकृषक ( कृषि योग्य भूमि नहीं) घोषित कराने के लिए चार सालों से आवेदन देकर रखा है लेकिन उनकी फाइल पर नियमानुसार कार्रवाई नहीं हो सकी है. 

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एमएलसी के मुताबिक शनिवार दोपहर बाद वह SDM नरैनी विकास यादव को फोन करके तहसील पहुंचे, जहां उन्हें कोई अफसर मौजूद नहीं मिला. मौजूद कर्मचारियों से पूछा कि अफसर कहा हैं तो उन्हें बताया गया कि इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं है और न ही फाइल के बारे में कुछ पता है.

इस पर एमएलसी बाबूलाल तिवारी नाराज हो गए और उन्होंने SDM को फोन किया तो उन्होंने बताया कि वो अभी मीटिंग में हैं. जिसके बाद एमएलसी एसडीएम चेंबर में बैठे रहे और मौजूद कर्मचारियों को जमकर खरी खोटी सुनायी.

अफसर दारू और बालू की वसूली में मस्त: बाबूलाल तिवारी

एमएलसी ने कहा, 'जब जनप्रतिनिधि का काम नहीं हो पाया तो आम आदमी का कैसे होगा? अफसर दारू और बालू की वसूली में मस्त हैं, जनता त्रस्त है. बगैर पैसे के कोई काम नहीं करते, जब तक मैं पैसा नही दूंगा तब तक मेरा काम नहीं करेंगे.' 

एमएलसी ने इसकी शिकायत विधानपरिषद में करने की चेतावनी दी है. इधर मामला एमएलसी से जुड़े होने की वजह से जिले के अफसरों ने चुप्पी साध ली है, चर्चा है कि बड़े अफसरों ने मामले को संज्ञान में लिया है. 

 

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